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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जारी हुआ नया नियम, अब करना होगा ये काम

Mon, 25 Sep 2017 06:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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स्टीयरिंग व्हील पकड़ने का तरीका। - फोटो : Amar Ujala
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के ल‌िए अब आपको एक नयी व्यवस्‍था का सामना करना पड़ेगा। इसके ल‌िए अब नए न‌ियम बना द‌िए गए हैं। पढ़‌िए अब क्या करना होगा।





 
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ड्राइविंग लाइसेंस
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट पास करना अनिवार्य कर द‌िया गया है। अब इसके ब‌िना यह लाइसेंस नहीं बना पाएगा। 
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स्टीयरिंग व्हील को हमेशा इस तरह से पकड़ा जाता है।
देहरादून में ऐसा होने से 60 फीसदी लोग फेल हो रहे हैं। फेल होने वालों में ऐसे ज्यादा लोग हैं जो 45 की उम्र पार कर चुके हैं। हालांकि युवा और वीडियो गेम खेलने वाले यह टेस्ट आसानी से पास कर रहे हैं।

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ड्राइविंग
बता दें क‌ि, सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट ठीक वीडियो गेम में कार चलाना जैसा है। कंप्यूटर और मोबाइल पर कार रेस खेलने वाले युवा इस टेस्ट को आसानी से समझ कर पास कर लेते है, लेकिन 45 पार उम्र के अधिकतर लोग इसमें फेल हो रहे हैं। ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ में सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट देने से पहले वीडियो गेम या फिर मोबाइल पर कार रेस का अभ्यास करना होगा। 
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वीडियो गेम
दरअसल, विभाग का मानना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं चालकों की गलती से होती हैं। यातायात नियमों की जानकारी न होना भी इसका अहम कारण है। इसके लिए कार ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में सिम्युलेटर टेस्ट ड्राइव की अनिवार्यता कर दी गई है। इस टेस्ट को  पास करने के बाद मैनुअल ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है। मैनुअल ड्राइविंग के लिए आरटीओ परिसर में ही कार चलानी पड़ती है। 
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Driving Tips
सिम्युलेटर टेस्ट ड्राइव मशीन कार के ड्राइविंग केबिन की तरह है। इनमें गियर, इंडिकेटर, स्पीड, क्लच और ब्रेक हैं। लाइसेंस बनाने वालों को सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट मशीन की सीट पर बैठकर ऑपरेट करना होता है। कार ठीक ढंग से ऑपरेट हो रही है या नहीं सामने लगे स्क्रीन में पूरी जानकारी आती है। मशीन में लगा कंप्यूटर सीट पर बैठे व्यक्ति के सही और गलत ड्राइविंग के आधार पर नंबरों को ऑटो जनरेट करता है। 70 फीसदी से कम अंक आने पर टेस्ट ड्राइव में फेल हो जाते हैं। 
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driving training
आरआई आलोक कुमार के मुताबिक सिम्युलेटर टेस्ट ड्राइव में 60 फीसदी लोग फेल हो रहे हैं। पास होने वालों में 40 फीसदी वो लोग हैं जो कार चलाने में परफेक्ट हैं या वीडियो गेम में कार चलाना जानते हैं। कंप्यूटर और मोबाइल में कार रेस खेलने वाले भी इस टेस्ट को पास कर रहे हैं। 
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