विरासत समारोह में ओडिसी नाट्य-नृत्य प्रस्तुतियों व हिमाचली गिद्दा का जादू चला। ओडिसी नृत्यांगना डोना गांगुली और उनके साथियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी।
विज्ञापन
2 of 6
मंगलवार शाम डोना व उनके साथियों ने दूनवासियों को भारतीय संस्कृति के तमाम पहलुओं के जीवंत अनुभव कराए। मां पार्वती, भगवान शंकर, राधा कृष्ण के दिव्य प्रेम पर केंद्रित ओडिशी प्रस्तुतियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन
3 of 6
इसके साथ भारतीय इतिहास, दर्शन, संस्कृति, साहित्य, मंदिर की कलाकृतियों और मीमांसा पर आधारित विषयों पर जादुई प्रस्तुतियां दर्शकों को वर्तमान से पुरातन काल की ओर ले गईं।
4 of 6
रामायण के जटायु-रावण संघर्ष पर कारुणिक नृत्य व भावुक संगीत ने लोगों की आंखों को नम कर दिया। महाभारत के कई प्रसंगों पर तालियां बजीं। सबसे पहले भगवान शिव व मां पार्वती को समर्पित नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
विज्ञापन
5 of 6
फिर तांडव का अहसास किया। भगवान शंकर के दिव्य चरित्र को केंद्र में रखकर सामूहिक नृत्य किया गया। अरवी पल्लवी नृत्य लोगों को खूब भाया। दीक्षा मंजरी टीम में डोना गांगुली के साथ रघुनंदन दास, तान्या, अवंतिका, राघश्री, प्रत्युषा, शुतंबी, सांचयिता, श्रद्धा, शबोरना, इश्पिता, चंद्रिमा, पाउलामी, संघमित्रा आदि शामिल थे।
इसी क्रम में मां दुर्गा महिषासुर मर्दिनी के स्वरूप पर वीर रस व भक्ति रस के मिश्रण भरे नृत्य ने लोगों में भक्ति भावना पैदा कर दी। हिमाचल प्रदेश से आए कलाकारों ने हिमालची भांगड़ा व गिद्दा की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों में जोश भर दिया।