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केवल एक चिठ्ठी पर यहां देवता करते हैं हर मुराद पूरी, देख लीजिए सबूत

Sat, 17 Sep 2016 11:43 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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गोलू देवता - फोटो : AmarUjala
मंदिरों में जाकर मन्नत मांगते लोगों को खूब देखा होगा पर कभी सुना है कि देवता को चिठ्ठी भेजिए और आपकी मुराद पूरी हो जाए। उत्तराखंड में स्थित ये देवता ऐसे ही हैं।
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golu devta
ये चिठ्ठी में अर्जी लिखकर भेजने पर अपने भक्तों की मुराद पूरी कर देते हैं। यही नहीं, ये देवता लोगों को तुरंत न्याया दिलाने के लिए भी प्रसिद्ध हैं। अपनी न्यायप्रियता के कारण इन्हें न्याय का देवता भी कहते हैं।
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golu devta - फोटो : AmarUjala
अभी तक नहीं जान पाए इन देवता के बारे में? तो जान ली‌जिए हम बात कर रहे हैं अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में स्थित गोलू देवता मंदिर की। गोलू देवता के इन मंदिरों में पहुंचते ही यहां लगी चिठ्ठियां आपको इस बात का अहसास कराने लगती हैं।

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यही नहीं यह देवता प्रेमियों के लिए कुछ ज्यादा ही खास है। प्रेम विवाह के लिए बड़ी संख्या में युवक युवतियां गोलू देवता के मंदिर में जाते हैं। मान्यता है कि जिसका विवाह यहां होता है उनका वैवाहिक जीवन में खुशियां छाई रहती हैं।
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golu devta
गोलू देवता या भगवान गोलू उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं क्षेत्र की प्रसिद्ध पौराणिक देवता हैं। अल्मोड़ा स्थित गोलू देवता का चितई मंदिर बिनसर वन्य जीवन अभयारण्य से चार किमी दूर और अल्मोड़ा से दस किमी दूर है। मूल रूप से गोलू देवता को गौर भैरव (शिव) के अवतार के रूप में माना जाता है। 
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golu devta
कहा जाता है कि वह कत्यूरी के राजा झाल राय और कलिद्रा की बहादुर संतान थे। ऐतिहासिक रूप से गोलू देवता का मूल स्‍थान चम्पावत में स्वीकार किया गया है।
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golu devta
एक अन्य कहानी के मुताबिक गोलू देवता चंद राजा, बाज बहादुर (1638-1678) की सेना के एक जनरल थे और युद्ध में वीरता प्रदर्शित करते हुए उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके सम्मान में ही अल्मोड़ा में चितई मंदिर की स्‍थापना की गई।
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चमोली में गोलू देवता को कुल देवता के रूप में पूजा जाता है। चमोली में नौ दिन के लिए गोलू देवता की विशेष पूजा की जाती है। इन्हें गौरील देवता के रूप में भी जाना जाता है।
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