योगा(फाइल फोटो)
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देव संस्कृति विवि में जर्मनी, चीन, यूके, यूएस, रूस, वियतनाम, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और अफ्रिका का नाटिबिया समेत कई देशों के छात्र पढ़ने आ रहे हैं। 151 में से 90 फीसदी छात्र-छात्राओं ने योग की डिग्री ली है। जबकि पड़ोसी मुल्कों के छात्र संस्कृत की पढ़ाई करने आ रहे हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर बताते हैं डिग्री लेते ही विदेशों में योग सीखाते हैं। इसमें युवा अपना कॅरिअर बना रहे हैं। योग में पीएचडी, स्नातक, मास्टर डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट के अलग-अलग कोर्स कर रहे हैं।