शिव बाल रूप
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जिसने 'ॐ नम: शिवाय' इस मंत्र का जप दृढ़तापूर्वक अपना लिया है उसने सम्पूर्ण शास्त्र पढ़ लिया और समस्त शुभ अनुष्ठानों को पूरा कर लिया है। शिव पुराण के अध्याय 12 में यहां तक कहा गया है कि 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र के जप में लगा हुआ पुरुष यदि पंडित, मूर्ख, अन्त्यज अथवा अधम भी हो तो वह पाप कर्मों से मुक्त हो जाता है।
नोट - अमर उजाला किसी अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है, लेकिन पाठकों की रुचि के लिए यह खबर दी गई है।