सीवर लाइन के लिए देहरादून में जगह-जगह खोदी गई सड़कों के कारण जीएमएस रोड से निरंजनपुर मंडी और चौधरी चरण सिंह चौराहे तक ऐसा जाम लगा कि लोग त्राहिमाम कर उठे। इन मार्गों के बीच शायद ही कोई गली बची, जो जाम से अछूती रही हो। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। भीषण जाम के दौरान व्यवस्था बनाने में जुटे होमगार्डों के पसीने छूट गए। कई जगह तो स्थिति नियंत्रण से बाहर देख यातायातकर्मी मौके से गायब हो गए।
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रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा तो खुदी और बरसात के चलते दलदल बन गई सड़कों के कारण चारों ओर जाम लग गया। अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। वाहनों की लंबी कतारों में कई ऐसे लोग भी थे, जिन्हें अस्पताल जाना था। वहीं, कुछ लोगों ने गलियों से मुख्य सड़क पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अगली सड़क भी जाम मिली।
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स्कूलों की छुट्टी के बाद स्थिति और बिगड़ गई। जाम की वजह से अभिभावकों को स्कूल तक पहुंचने और फिर बच्चों को लेकर घर में जाने में खासी परेशानी हुई। स्कूलों की छुट्टी के समय ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या और विकराल हो गई। कई स्कूलों के वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहे।
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जीएमएस रोड-निरंजनपुर मंडी रोड जगह-जगह खुदाई और बरसात की वजह से दलदल में तब्दील हो गई है। लिहाजा पटरी या साइड से निकलने के चक्कर में वाहनों के पहिये कई जगह कीचड़ में फंस गए। इस वजह से भी जाम लगा। वहां मौजूद दुकानदारों के मुताबिक सुबह से लेकर दोपहर तक कई वाहन दलदल में फंसे, जिन्हें धक्का देकर बाहर निकालना पड़ा।
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एडीबी ने चौधरी चरण सिंह चौक पर सड़क खोदकर सीवर लाइन तो डाल दी। लेकिन सड़क को दुरुस्त नहीं किया। ऐसे में सड़क पर कीचड़ हो गया। चौराहे पर कहीं वन-वे का बोर्ड नहीं लगाया है। जीएमएस रोड के तिराहे पर ‘कार्य प्रगति पर है’ का बोर्ड तो लगा है, लेकिन जाना किस रास्ते से है इसकी जानकारी देना वाला कोई नहीं। सीवर लाइन डालने के बाद भी चौक पर जेसीबी, पोकलैंड और मिक्चर मशीन को सड़क किनारे खड़ा किया गया है। इसके चलते भी सड़क पर जगह कम हो गई और जाम लग रहा है। कुछ यही हाल जीएमएस रोड-निरंजनपुर मंडी रोड का भी है, जहां सामान और मशीनरी के चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।
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सुबह 11 बजे चौधरी चरण सिंह चौक से कूड़ा लेकर गुजरा निगम का वाहन लोगों के लिए मुसीबत बन गया। कूड़ा ले जा रहे डंपर को तिरपाल से नहीं ढका गया था। गड्ढों के कारण कूड़ा पीछे वाले वाहनों पर गिर रहा था। उससे उठ रही बदबू से भी लोग परेशान रहे। जबकि, एनजीटी के नियमों के अनुसार कूड़ा उठाने का कार्य सुबह 10 बजे तक हरहाल में हो जाना चाहिए।
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इस समय एग्जाम चल रहे हैं। हम रोज देरी से स्कूल पहुंचते हैं। कमोबेश वापसी में भी यही स्थिति रहती है। सड़क ठीक थी। फिर भी न जाने क्यों खोद डाली। - अनुष्का, स्टूडेंट
हम गाजियाबाद से मसूरी घूमने आए हैं। सोचा था जल्दी मसूरी पहुंच जाएंगे। लेकिन जाम में ऐसे फंसे कि दो घंटे यहीं लग गए। अब तो वहां पहुंचने में शाम हो जाएगी। - मुसीद, पर्यटक
सीवर लाइन डालने के लिए सड़क तो खोद दी लेकिन उसे ठीक नहीं किया। बारिश के चलते अब सड़क पर कीचड़ हो गया है। जाम लगना तो अब रोज की बात हो गई है। - मोहनचंद्र जोशी, बसंत विहार
बीते एक सप्ताह से यही स्थिति है। लेकिन पिछले दो-तीन दिन से समस्या काफी बढ़ गई है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए घर से काफी पहले निकलना पड़ रहा है। - राम सुमिरन, इंदिरापुरम
सड़क सुरक्षा सप्ताह में पुलिस की व्यस्तता शहरवासियों पर भारी पड़ गई। यातायात दबाव के बीच सड़क के दोनों ओर अवैध पार्किंग जाम का सबब बन गई। मुख्य चौराहों पर जाम की वजह से लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। प्रमुख चौराहों पर न तो ट्रैफिक पुलिस थी और न ही उनकी मदद करने वाली चौकी पुलिस। पूरी व्यवस्था होमगार्डों के सहारे थी, जिनकी वाहन चालक सुनने को तैयार नहीं थे। लिहाजा स्थिति और बिगड़ गई। अधिकारियों के मोबाइल पर जाम की तस्वीरें आईं तो पुलिस को दौड़ाया गया। दोपहर बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ।