लियाकत अली देहरादून से ऋषिकेश, मसूरी, चकराता, टिहरी तक साइकिल पर सफर कर चुके हैं। उनका कहना है कि अगर सभी लोग साइकिल को अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो निश्चिततौर पर फिटनेस में सुधार आएगा। इससे वह पर्यावरण बचाने में भी सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में नागपुर में तैनाती के दौरान उन्हें पीठ दर्द की शिकायत हुई थीं।