मच्छी बाजार में जिस वक्त गुंजन की हत्या हुई उस समय आसपास बहुत से लोग मौजूद थे। गली से चीख-पुकार सुनकर और भी लोग वहां पहुंचे पर कोई भी गुंजन को बचाने के लिए आगे नहीं आया। ये कहना गुंजन की सहेली पायल का। वह इकलौती थी जिसने हत्यारोपी आकाश तो धक्का देकर गुंजन को बचाने की कोशिश की पर आकाश के हाथ में चापड़ देखकर वह सिहर गई।
गुंजन की माैत से आहत पायल वारदात के अगले दिन भी गुंजन के परिजनों संग मौजूद रही। वह कभी गुंजन की मां के आंसू पोछती तो कभी उसके भाई को संभालती। अमर उजाला से बातचीत में उसने बताया कि गुंजन जब गली में गाड़ी खड़ी करने गई थी, तब तक सब कुछ सामान्य था। वह रोज ही वहां पर गाड़ी खड़ी करने आती थी।
कभी-कभी वह घर के अंदर आकर मुझसे मिलती भी थी। पायल ने बताया कि सोमवार को भी वह उससे मिली थी। उसे अंदर आने के लिए कहा तो जल्दबाजी के कारण नहीं आई। कुछ ही देर में बाहर चीखने की आवाज आई तो वह दौड़कर वहां पहुंची।