देहरादून की पर्वतारोही जुड़वा बहनों ताशी और नुंग्शी मलिक ने एक बार फिर उत्तराखंड और भारत का मान बढ़ाया है। ताशी और नुंग्शी की उपलब्धियों में अब सबसे कम उम्र में एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम (लास्ट डिग्री) पूरा करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी जुड़ गया है।
विज्ञापन
2 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : AmarUjala
दोनों बहने पहले ही एवरेस्ट फतह करने वाली पहली जुड़वा बहन बनने और सेवन समिट्स पर चढ़कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।
विज्ञापन
3 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : AmarUjala
गिनीज बुक के ऑफिस की ओर से ‘सबसे कम उम्र में एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम पूरा करने के ताशी-नुंग्शी के एप्लीकेशन को स्वीकार कर लिया गया है।
4 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : AmarUjala
ताशी-नुंग्शी के पिता कर्नल वीएस मलिक (सेवानिवृत्त) ने बताया कि उन्हें गिनीज बुक ऑफिस की ओर से ई-मेल के जरिये बृहस्पतिवार को यह जानकारी मिली।
विज्ञापन
5 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : AmarUjala
मेल में कहा गया है कि 'अब ताशी और नुंग्शी मलिक एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम के लिए गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्डधारी हैं, इसके लिए आप दोनों को बधाई। शीघ्र ही आपको गिनीज बुक की ओर इसका प्रमाण पत्र पोस्ट के जरिये उपलब्ध करा दिया जाएगा।'
विज्ञापन
6 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : AmarUjala
उन्होंने कहा कि साहस, पराक्रम और शारीरिक चुनौती के बीच उन्होंने एवरेस्ट, विश्व की सातों सबसे ऊंची चोटियां और दक्षिणी-उत्तरी ध्रुव फतह कर ग्रैंड स्लैम पूरा किया है।
विज्ञापन
7 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : AmarUjala
उन्होंने युवतियों को अपने कार्य के प्रति हमेशा लग्नशील रहने को संदेश दिया है। जुड़वा बहनों ने कहा कि लग्नशीलता के दम पर हर मुश्किल को आसान किया जा सकता है।
क्या है ग्रैंड स्लैम
8 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : AmarUjala
क्या है ग्रैंड स्लैम
सेवन समिट के तहत दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट सहित विश्व के सभी सात महाद्वीपों की अलग-अलग सबसे ऊंची चोटियां फतह करने के साथ ही दक्षिणी और उत्तरी ध्रुव का रोहण करने को एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम कहा जाता है।
9 of 10
tashi and nungshi malik
- फोटो : wikipedia
पर्वतारोहण में इन तीनों उपलब्धियों को हासिल करना बेहद कठिन होता है।