नोएडा के अर्जुन वाजपेयी ने मंगलवार सुबह विश्व की छठी सबसे ऊंची चोटी चो-यू को फतह कर एक नया इतिहास रच दिया। इसके बाद अर्जुन 8000 मीटर से ज्यादा ऊंची पांच चोटियां फतह करने वाले विश्व के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बन गए। मंगलवार सुबह 6:15 बजे अर्जुन ने चो-यू की चोटी पर पहुंचकर तिरंगा लहराया। नोएडा सेक्टर-51 निवासी अर्जुन माउंट एवरेस्ट, माउंट मकालू, ल्होत्से और मानसलु चोटी पर भी चढ़ाई कर चुके हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
वह करीब एक सप्ताह बाद नोएडा वापस लौटेंगे। इससे पहले अर्जुन ने 23 मई 2016 को विश्व की पांचवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मकालू (8,463 मी. ऊंची) पर तिरंगा लहराने में सफलता प्राप्त की थी। वह इस चोटी पर चढ़ने वाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही थे। इससे पहले अर्जुन विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट, विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी ल्होत्से और विश्व की आठवीं सबसे ऊंची चोटी मानसलु पर फतह पा चुके हैं। इसके साथ ही वे विश्व के पहले ऐसे पर्वतारोही बन गए हैं, जिन्होंने सबसे कम उम्र में 8,000 मीटर से ऊंची पांच चोटियों पर चढ़ाई की है।
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सबसे कम उम्र में सबसे बड़ी सफलता
17 वर्ष की उम्र में अर्जुन एवरेस्ट पर चढ़े और सबसे युवा पर्वतारोही बने। उन्होंने 29 मई 2011 को यह उपलब्धि हासिल की। गौरतलब है कि इससे पहले माउंट एवरेस्ट पर सबसे कम उम्र में चढ़ने का रिकॉर्ड महाराष्ट्र के कृष्णा पाटिल के नाम था। पाटिल ने 19 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
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बिना ऑक्सीजन के चढ़ाई करने वाले पहले भारतीय
अर्जुन 4 सितंबर को नोएडा से रवाना हुए थे। नेपाल स्थित चो-यू चोटी पर चढ़ाई के लिए अर्जुन का यह दूसरा प्रयास था। सोमवार की रात अर्जुन अपने दल के साथ पर्वत के कैंप पर पहुंच गए थे। इस अभियान में अर्जुन बिना ऑक्सीजन के शामिल हुए और ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी चोटी पर चढ़ाई में ऑक्सीजन का उपयोग नहीं किया गया। वे पहले भारतीय हैं, जिन्होंने बगैर ऑक्सीजन के यह सफर तय किया। तय समयानुसार ही अर्जुन ने मंगलवार सुबह चोटी फतह कर ली।
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दरअसल, पहले कहा गया था कि अर्जुन सुबह 9 बजे तक पर्वत पर होंगे, लेकिन देर रात मौसम में थोड़ी गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ। यह कामयाबी हासिल करने के लिए अर्जुन दिल्ली के धौलाकुआं स्थित इंडियन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट में प्रतिदिन 5-6 घंटे अभ्यास करते थे। इसमें शरीर को फिट रखने पर विशेष ध्यान देना होता है। 2013 में अर्जुन का चढ़ाई के दौरान शरीर का बायां हिस्सा लकवा ग्रस्त हो गया था। किसी तरह उनकी जान बच पाई थी। इसके बाद करीब 3 महीने तक उनका इलाज चला था।
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ये हैं अर्जुन की उपलब्धियां
- माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले देश के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही (2010 में यह उपलब्धि हासिल की)
- विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी ल्होत्से पर चढ़ाई करने वाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही।
- विश्व की आठवीं सबसे ऊंची चोटी मानसलु पर फतह करने वाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही।
- विश्व की पांचवीं सबसे ऊंची चोटी मकालु पर फतह करने वाले सबसे कम उम्र के अर्जुन।
चो-यू पर एक नजर
- चोटी की ऊंचाई करीब 8201 मीटर
- चीन-नेपाल बॉर्डर पर स्थित है चोटी
- इस चोटी पर पहली बार 1954 में हर्बट टिची ने चढ़ाई की थी
- 1959 में चढ़ाई करते हुए चार लोगों की हिमपात से मौत हुई थी