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वैज्ञानिक परेशान, दरक रही केदारनाथ धाम की पहाड़ियां

Sun, 18 Dec 2016 05:20 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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केदारनाथ
11500 फिट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ में डेढ़ माह से न तो बारिश हुई और न बर्फबारी। यहां मंदिर के चारों तरफ की पहाड़ियां सूखी पड़ी हैं। कई जगहों पर तो तेजी से मिट्टी दरक रही है। मौसम के इस मिजाज से केदारनाथ में इन दिनों भी दोपहर को पारा 22 से 24 डिग्री तक पहुंच रहा है।
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केदारनाथ - फोटो : AmarUjala
मौसम में आए परिवर्तन का असर अब मध्य हिमालयी क्षेत्र में भी दिखने लगा है। इन दिनों जो पर्वत श्रृंखलाएं और पहाड़ियां बर्फ से लकदक रहती थी, वहां सूखा पड़ा है और मिट्टी दरक रही है।
 
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केदारनाथ धाम - फोटो : अमरउजाला
केदारनाथ में भी दिन का तापमान बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि केदारनाथ में बीते एक नवंबर के बाद से अभी तक बारिश नहीं हुई। ऐसे में मंदिर के पीछे स्थित हिमालय की मेरू-सुमेरू पर्वत श्रृंखलाओं पर भी नामात्र बर्फ है, जबकि मंदिर के चारों ओर की पहाड़ियां सूखी पड़ी हैं।
 

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kedarnath
भगवान भैरवनाथ मंदिर से लगी पहाड़ियों पर तो मिट्टी तेजी से दरक रही है। यही स्थिति रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच भी बनी हुई है। सघन वन क्षेत्र के बावजूद मौसम की मार से यहां नमी कम हो रही है।
 
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tungnath - फोटो : AmarUjala
इधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम से लगी पहाड़ियां भी बर्फ विहीन है। यही नहीं, ऊखीमठ से आगे मनसूना, बुरूआ, तोषी, गौरीकुंड, राउलेंक, रांसी, अगतोली, भौंसाल और गौंडार गांव से लगी पहाड़ियां सूखी पड़ी हुई हैं। 
 
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केदारनाथ में बर्फबारी - फोटो : amar ujala
केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य में जुटे नेहरू पर्वतारोहण के देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2014 में इन दिनों धाम में 10 फिट बर्फ थी, लेकिन इस वर्ष चारों तरफ सूखा है। इधर, गौंडार गांव के कुंवर सिंह व शिवपाल सिंह का कहना है कि वर्ष 2014 में दिसंबर-जनवरी में गांव में सात फिट बर्फ थी।
 
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केदारनाथ में बर्फबारी - फोटो : amar ujala
मार्च तक बमुश्किल से आवागमन शुरू हो पाया था, लेकिन दो वर्षों से समय पर बारिश नहीं होने और बर्फ के अभाव में खेतों की नमी खत्म हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो अगले एक सप्ताह, दस दिन में अगर बारिश नहीं होती है, तो सूखे के आसार बढ़ सकते हैं।
 
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himalaya
वातावरण में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण ग्लोबल वार्मिक के बढ़ते प्रभाव में मौसम में आया यह परिवर्तन आ रहा है। उच्च व मध्य हिमालय तक बर्फबारी नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। अगर, जल्द बारिश नहीं हुई तो ईको सिस्टम भी भी इसका वृहद असर पड़ सकता है। 
- डा. प्रकाश फुदंणी, वरिष्ठ वैज्ञानिक जीबी पंत नेशनल इंस्टीट्यूट, श्रीनगर गढ़वाल
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