यात्री बिना रोक-टोक हरकी पैड़ी पहुंच रहे हैं। अधिकतर यात्री बिना मास्क हैं। जिनके पास मास्क हैं भी ठीक से लगाते नहीं हैं। हरकी पैड़ी और आसपास हुजूम की शक्ल में घूम रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ ने बच्चों और बुजुर्गों को ही कोविड का सर्वाधिक खतरा बताया है। ऐसे में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचने वालों को पुण्य मिले या न मिले, लेकिन लापरवाही अपनाकर कोविड के शिकार जरूर हो सकते हैं।