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कोरोना काल : श्मशान घाट पर शवों को आधा अधूरा जलाकर छोड़ने से कुत्ते उठा ले जा रहे अंग, तस्वीरों में देखें

Sun, 02 May 2021 03:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

आरोप है कि कर्मचारी शवों को आधा अधूरा जलाकर छोड़ दे रहे हैं, जिससे शिकारी कुत्ते शवों के अंगों को उठाकर ले जा रहे हैं।
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शवों के अंगों को खींचकर ले जाते हैं कुत्ते - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के बीच हरिद्वार के चंडी घाट श्मशान घाट में शवों के दाह संस्कार करने में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि कर्मचारी शवों को आधा अधूरा जलाकर छोड़ दे रहे हैं, जिससे शिकारी कुत्ते शवों के अंगों को उठाकर ले जा रहे हैं। गंगा नदी पर चंडी घाट पुल के नीचे नया श्मशान घाट बनाया गया है। इसके संचालन का जिम्मा तिरुपति कृषि उत्पादन उर्वरक विपणन समिति कोटद्वार को दिया गया है। आरोप है कि कर्मचारियों की ओर से शवों के दाह संस्कार करने में लापरवाही बरती जा रही है। यहां रह रहे एक अघोरी बाबा के पास देहरादून से पहुंचीं माता राजराजेश्वरी ने कुत्तों को शवों के अंग खाते देख कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जब तब मृतकों के परिजन रहते हैं, कर्मचारी शवों को जलाते रहते हैं। उनके जाने के बाद शवों को अधजला छोड़ दिया जाता है। शवों के पूरी तरह से जलने से पहले ही कर्मचारी वहां से हट जाते हैं, जिससे कुत्ते शवों के अंगों को खींचकर ले जाते हैं और दिनभर उन्हें नोचते हैं। आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार में कर्मकांड की विधि भी पूरी नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने दाह संस्कार के लिए लगाए गए कर्मचारियों को हटाकर दूसरों को रखने की मांग की है।
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शवों के अंगों को खींचकर ले जाते हैं कुत्ते - फोटो : अमर उजाला
उधर, समिति के सचिव मान सिंह का कहना है कि शवों का ठीक ढंग से पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
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शवों के अंगों को खींचकर ले जाते हैं कुत्ते - फोटो : अमर उजाला
अघोरी बाबा और कुछ लोगों का आपस में विवाद चल रहा है। इसके कारण ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप निराधार हैं। 
 

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शवों के अंगों को खींचकर ले जाते हैं कुत्ते - फोटो : अमर उजाला
वहीं अस्पतालों में होने वाली हर मौत को कोरोना से जोड़कर देखा जा रहा है। परिजन पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह अस्पतालों की ओर से मौत के बाद कोरोना रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध न कराना है।
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श्मशान घाट - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बाद में पता चल रहा है कि मौत कोरोना से नहीं बल्कि अन्य वजह से हुई है। ऐसे में लोगों में देहरादून के अस्पतालों और जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फैल रहा है।
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