हल्द्वानी के तराई पश्चिमी वन प्रभाग में खौफ का पर्याय बनी आदमखोर बाघिन को पकड़ने के सभी प्रयासचालाक बाघिन के आगे नाकाफी हो रहे हैं।
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हेलीकॉप्टर से नरभक्षी बाघिन की तलाश
- फोटो : अमर उजाला
चालाक बाघिन वन विभाग द्वारा बिछाए गए हर जाल से बच निकल रही है। बाघिन की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है।
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tiger
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज की आदमखोर बाघिन को पकड़ने के लिए भैंसे की दावत का इंतजाम किया गया था, लेकिन यह दांव सही नहीं पड़ा। भैंसे को गुलदार खाकर चलता बना।
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कैमरा ट्रैप में आया गुलदार।
- फोटो : AmarUjala
वहीं, बाघिन सोमवार को फिर छलावा साबित हुई। बस उम्मीद और हौसला बढ़ाने वाली बात कैमरा ट्रैप मिली।
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tigress in camera
- फोटो : AmarUjala
उसकी फोटो और पग मार्ग से उसकी लोकेशन का पता चलना था। ऐसे में ऑपरेशन में लगे अधिकारी आने वाले 24 घंटे महत्वपूर्ण बता रहे हैं।
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combing for tiger
- फोटो : AmarUjala
एसडीओ कलम सिंह बिष्ट ने बताया सुबह मोतीपुर गांव में मेड़ से उमेदपुर की तरफ को बाघिन के पगमार्क मिले थे, जिस पर सुबह से शाम तक उमेदपुर में जाल लगाकर हाका और हाथियों से घेराबंदी की गई, लेकिन कोई कामयाबी नही मिली।
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combing
इधर, बाघिन के लिए बांधे गए भैंसे को तेंदुआ मारकर खा गया, जो कैमरा ट्रैप में कैद भी हुआ है। फिलहाल विभाग बाघिन की खोज में जुटा है।
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combing for man eater tigress
- फोटो : AmarUjala
पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि काफी हद तक बाघिन की लोकेशन का पता चल चुका है। जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।