मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मां उन नौकरशाहों के लिए एक सीख हैं, जो अपने खुद के अति विशिष्ट होने का फायदा उठाने से नहीं चूकते। मुख्यमंत्री की मां आम लोगों की तरह चिकित्सा परामर्श के लिए स्वयं डॉक्टरों के पास जाती हैं। जबकि प्रोटोकॉल के तहत डॉक्टर चेकअप करने के लिए उनके आवास पर भी आ सकते हैं। फिर भी वह इसका लाभ नहीं लेती हैं। बेटे के मुख्यमंत्री होने के बावजूद मां और परिजनों का रहन सहन आमजन की तरह ही है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मां और उनकी बड़ी बहन देश के जाने माने न्यूरो सर्जन डॉ. महेश कुड़ियाल से चिकित्सा परामर्श लेने के लिए सीएमआई नर्सिंग होम पहुंचीं। उनकी वहां सहज मौजूदगी सबको चकित करने वाली थी। प्रोटोकाल के तहत डॉक्टर उनके आवास पर आ सकते हैं, लेकिन वे स्वयं अस्पताल जाती हैं। ऐसे में उन्हें अस्पताल में बिल्कुल आम लोगों की तरह व्यवहार करता देख सभी जगह उनकी चर्चा हो रही है।