रात 12 बजते ही गिरजाघरों में आनंद की वर्षा शुरू हो गई। प्रभु ईसा मसीह के जन्म लेते ही हैप्पी क्रिसमस, मैरी क्रिसमस की आवाज गूंजने लगी। घंटियों की मधुर आवाज के साथ लोगों ने कैरल गाए। लोगों ने गले लगाकर एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी।
शनिवार देर रात मसीही समाज के लोग गिरजाघरों में जुटे रहे। कैरल गाकर और केक काटकर क्रिसमस का उत्सव मनाया गया। मदर मैरी और प्रभु यीशु की मूर्तियों के सामने लोग खुशी से नाचे और प्रार्थनाएं कीं। वहीं, इससे पहले क्रिसमस की पूर्व संध्या पर राजधानी के सभी चर्च सज गए थे। देर शाम सभी गिरजाघरों में प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। चर्च रंग-बिरंगी लाइटों में नहाए नजर आए। लोगों ने घरों में क्रिसमस ट्री सजाए।