देवभूमि में देव दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। चार धाम यात्राओं में जून के पहले पखवाड़े में पिछले सभी रिकार्ड टूट गए हैं। मात्र ढाई महीने में ही देश एवं विदेश से 14 लाख 65 हजार 665 भक्त चार धाम यात्रा कर चुके हैं।
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kedarnath temple
- फोटो : amar ujala
यात्रा अभी अक्तूबर तक चलनी हैं। यात्रा समापन तक श्रद्धालुओं की संख्या 30 लाख तक पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़ से पुलिस एवं प्रशासन के हाथ पांव फूले हैं।
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kedarnath
बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री हिंदुओं की आस्था के बड़े धाम हैं। लाखों भक्त सालाना दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। इस साल यमुनोत्री एवं गंगोत्री यात्रा अप्रैल आखिरी सप्ताह और केदारनाथ एवं बद्रीनाथ यात्रा मई पहले हफ्ते से शुरू हुई हैं।
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badrinath dham
यात्राओं में देश एवं विदेशों से रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन का सबसे अधिक दबाव यहां की सड़कों पर पड़ रहा है। इससे जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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badrinath dhaam
- फोटो : amar ujala bureau
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक 15 जून तक 1465665 श्रद्धालुओं ने चार धाम दर्शन किए हैं। पिछले साल पूरे सीजन में भक्तों की संख्या 1412656 थी। इस साल ढाई महीने में पिछले सीजन के तुलना में 53 हजार भक्त अधिक पहुंच चुके हैं।
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yamunotri dhaam
- फोटो : amarujala
आंकड़ों के मुताबिक यमुनोत्री यात्रा का एक नया रिकार्ड बना है। यमुनोत्री में पिछले पूरे सीजन की तुलना में 14 लाख 360 श्रद्धालु अधिक आ चुके हैं। इसी तरह गंगोत्री में 1175 और केदारनाथ में भी पिछले पूरे सीजन की तुलना में मात्र ढाई महीने में 28128 श्रद्धालु अधिक आए हैं।
पुलिस का कहना है कि जून आखिर से मानसून शुरू हो जाएगा। मानसून में यात्रा मार्गों में खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 2013 में दैवी आपदा से केदार घाटी में जबर्दस्त त्रासदी हुई थी। इससे चारों धाम की यात्राएं बाधित हो गई थी। आपदा के बाद 2014 में मात्र 35736 श्रद्धालु ही चार धाम दर्शन कर पाए थे। 2015 और 2016 की यात्राओं पर भी असर दिखा।