केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को खुलने हैं। 43 साल बाद इस बार ऊखीमठ से बाबा केदार की डोली को वाहन से गौरीकुंड ले लिए रवाना किया गया। इससे पहले साल 1977 में बाबा केदार की डोली को ऊखीमठ से गुप्तकाशी तक ले जाया गया था। वहीं, वाहन में डोली जाने के कारण भक्त भी बाबा की डोली के दर्शन नहीं कर पाए।