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PIX: सूरज की रोशनी पड़ते ही लड़खड़ाकर गिर पड़ती हैं ये बहनें

Wed, 09 Dec 2015 08:42 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में चमोली जिले के कांडा गांव में दो मासूम बहनों में एक अजीब बीमारी देखने को मिली है। ये दोनों बालिकाएं तीन साल से एक ही कमरे में कैद हैं। वे घर से बाहर सूर्य की रोशनी में आते ही लड़खड़ा कर गिर पड़ती हैं। उनकी आंखें बंद हो जाती हैं और रोने लगती हैं।
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तीन वर्ष पूर्व दोनों बालिकाएं सामान्य थीं। गरीबी के चलते इनका पिता इन्हें किसी बड़े अस्पताल में नहीं दिखा सका है जिससे इनकी बीमारी का पता भी नहीं चल सका है। दशोली ब्लॉक के कांडा गांव के दलीप सिंह की तीन पुत्रियां विनीता (18), रुचि (16) और विजया (13) हैं। विनीता 12वीं कक्षा में पढ़ रही है जबकि रुचि और विजया तीन साल से अजीब बीमारी से ग्रसित हैं।
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ये दोनों बहनें सूर्य की रोशनी शरीर पर पड़ते ही लड़खड़ाकर गिर पड़ती हैं। रुचि और विजया की मां बच्ची देवी का कहना है कि दोनों बालिकाओं के शरीर में अचानक यह बदलाव आया है। गरीबी के कारण बड़े अस्पताल में इनकी जांच तक नहीं करवा पा रहे हैं। पिता दलीप सिंह मेहनत मजदूरी करके परिवार चलाते हैं।

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दलीप का कहना है कि दोनों बेटियां पांचवीं तक पढ़ी हैं। बीमारी के बाद से इनकी पढ़ाई भी छूट गई। पुत्र हरीश 23 साल का है, गरीबी के चलते दो वर्ष पूर्व नवीं कक्षा के बाद उसने भी पढ़ाई छोड़ दी है। स्थानीय ग्रामीण आनंद सिंह झिंक्वाण ने बताया कि अब ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर दोनों बहनों का इलाज कराने का निर्णय लिया है।
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जिला मुख्यालय पहुंचे उत्तराखंड सीएम हरीश रावत से भी ग्रामीणों ने दोनों बालिकाओं के इलाज की मांग की। इस पर सीएम ने उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। रुद्र सिंह भंडारी और ताजबर भंडारी का कहना है यदि सरकार से इन्हें मदद मिलती है तो दोनों बहनें स्वस्थ हो सकेंगी।
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मनोचिकित्सक डॉ. पीके गुप्ता बताते हैं कि यदि ये बालिकाएं रोशनी को सहन नहीं कर पा रही हैं तो यह मस्तिष्क में अधिक उजाला पहुंचने से हो रहा होगा। जांच के बाद ही बीमारी का सही पता चल सकता है। ऐसे मामलों में रोशनी आंखों के जरिए सीधे ब्रेन में पहुंचती है, ब्रेन में स्पाइकन हो जाता है, जिस कारण फोटो सेंस्टीविटी बढ़ जाती है। इस बीमारी की जांच हो सकती है और दवाई से ही दोनों ठीक हो सकती हैं। (स्टोरीः प्रमोद सेमवाल)
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