केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा पिथौरागढ़ में आई तबाही का जायजा लेने बस्तड़ी और कुमालगौन पहुंचे। यहां उन्होंने आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना। मंत्री ने राहत कार्यों की सराहना करते हुए राज्य सरकार को नसीहत दी।
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ajay tamta in bastari
- फोटो : अमरउजाला
साथ ही नाचनी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन बात कर आपदाग्रस्त क्षेत्रों के हालात की जानकारी दी। जरूरतों का ब्यौरा भी दिया। कुमालगौन में अब तक प्रभावितों को मकान, पशु मुआवजे के तौर पर 19 लाख 500 रुपये की मदद मिलने की जानकारी मिली।
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बस्तड़ी गांव में मलबे में लापता लोगों को तलाशते जवान
- फोटो : अमरउजाला
शुक्रवार को केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा सिंघाली के राहत शिविरों में रह रहे बस्तड़ी में आपदा प्रभावितों मिले। उन्होंने प्रभावितों से सरकार से मिली मदद की जानकारी ली। कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह आपदा प्रभावितों के साथ है।
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बस्तड़ी जाने वाले सड़क मलबे में तब्दील हो चुकी है।
- फोटो : अमरउजाला
उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास के तौर पर जो भी धनराशि बंट रही है, वह सेंट्रल रिलीफ फंड से मिली है। राज्य सरकार को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। कहा कि मुख्यमंत्री आपदा नुकसान का खाका प्रधानमंत्री के सामने रखें, प्रधानमंत्री पूरी मदद करेंगे।
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बस्तड़ी गांव में रेस्क्यू करते जवान
- फोटो : अमरउजाला
प्रधानमंत्री राहत कोष से भी प्रभावितों को मदद दी जाएगी। केदारनाथ की तर्ज पर मुआवजा देने के लिए वह राज्य सरकार से बात करेंगे।
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बस्तड़ी में खोजबीन करते जवान
- फोटो : अमरउजाला
वहीं लोगों के आग्रह पर बस्तड़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने शुक्रवार को भी मलबे में खोजबीन का अभियान चलाया, लेकिन शनिवार से जवान बस्तड़ी से पूरी तरह हट जाएंगे।
uttarakhand faced disaster situation due to rain
- फोटो : amar ujala
शुक्रवार को इस उम्मीद से खोजबीन की गई कि शायद किसी का दबा हुआ कीमती और जरूरी सामान निकल जाए। खोजबीन के अभियान में लगे अधिकारियों ने कहा कि मलबा पांच किलोमीटर के दायरे में फैला है। इस कारण अब मलबे में दबे किसी व्यक्ति का निकल पाना संभव नहीं है।