रंग और कीचड़ से नहीं, यहां खेलते हैं दूध की होली
Thu, 31 Jul 2014 09:39 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड के दयारा बुग्याल में हर साल अगस्त में मनाया जाना वाला अंढूडी उत्सव (बटर फेस्टिवल) देश-दुनिया में उत्तराखंड की संस्कृती का प्रसार करता है।
रंग और कीचड़ से नहीं, यहां खेलते हैं दूध की होली
पहले रैथल के ग्रामीण दूध के पकवान बनाकर अपनी और पशुओं की खुशहाली के लिए वन देवियों की पूजा करते और पशुओं के गोबर से होली खेलते थे।
रंग और कीचड़ से नहीं, यहां खेलते हैं दूध की होली
लेकिन दस साल पहले दयारा पर्यटन विकास समिति और अनघा माउंटेन एसोसिएशन उत्तरकाशी ने इसे बटर फेस्टिवल का नाम दिया।
रंग और कीचड़ से नहीं, यहां खेलते हैं दूध की होली
तब से दयारा बुल्याल में दूध, मक्खन और दही की होली खेली जाती है। इस दौरान लोग लोक गीतों पर खूब थिरकते हैं।
रंग और कीचड़ से नहीं, यहां खेलते हैं दूध की होली
केदारनाथ आपदा के बाद इस साल बटर फेस्टिवल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।