बकरियों के स्वयंवर को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस स्वयंवर के लिए भाजपा के मंत्री आपस में भिड़ रहे हैं।
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सतपाल महाराज
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की आपत्ति के बाद प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने एक तरह से उनकी बात पर मुहर लगा दी है।
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rekha arya
मीडिया सेंटर में कैबिनेट के फैसले की ब्रीफिंग के दौरान जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पशुपालन को बढ़ावा देने का ख्याल बुरा नहीं है और इसके लिए बकरियों का स्वयंवर भी अच्छी पहल है, लेकिन ऐसे मौके पर वैदिक मंत्रों का उच्चारण नहीं होना चाहिए। लेकिन वहीं दूसरी ओर पशुपालन राज्यमंत्री रेखा आर्या का कहना है कि तोता भी राम-राम का नाम जपता है तो क्या उसे ऐसा नहीं करने देना चाहिए।
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goat marriage
बकरियों के स्वयंवर धनोल्टी में 23-24 फरवरी को आयोजित करने की योजना बनाई गई है। ऐसे कार्यक्रम तो पहले से भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार पशुपालन विभाग ने इसका आयोजन करने की ठानी है।
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कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए प्रदेश की पशुपालन राज्यमंत्री रेखा आर्या 22 जनवरी को प्रेस कांफ्रेंस की तैयारी कर ली थी। ऐन मौके पर पर्यटन और संस्कृति मंत्री ने आपत्ति की कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। इसके बाद रेखा आर्या को प्रेस कांफ्रेंस स्थगित करनी पड़ी।
हालांकि बाद में रेखा आर्या ने कहा था उनको महाराज के आपत्ति की जानकारी नहीं है। प्रेस कांफ्रेंस के निरस्त होने की वजह कार्यक्रम को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री राधमोहन सिंह का वक्त नहीं मिल पाना था। इसके अगले दिन (23 जनवरी को) महाराज ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री फैसला लेंगे, उनको जानकारी दे दी गई है। बुधवार को इस बारे में जब कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कार्यक्रम तो होना चाहिए, लेकिन वैदिक मंत्रोचार नहीं।