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बर्खास्त प्रणव चैंपियन का न भूलने वाला किस्सा, मंत्री के भोज में फायरिंग करने पर नेता को लगी थी गोली

Fri, 19 Jul 2019 09:07 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को उनकी बदजुबानी आखिरकार भारी पड़ गई। प्रदेश की राजनीति में संभवत: ऐसा पहली बार है कि किसी विधायक को तीन साल के अंतर दो-दो राष्ट्रीय दलों की प्राथमिकता सदस्यता गंवानी पड़ी है। बात साल 2014 की है जब विधानसभा सत्र की पूर्व संध्या पर तत्कालीन कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के सरकारी आवास में सत्ता पक्ष के विधायकों के लिए आयोजित वीआईपी डिनर के दौरान फायरिंग से सनसनी फैल गई थी। 
 
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17 सितंबर की रात कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के आवास पर आयोजित भोज में तत्कालीन वन विकास निगम के अध्यक्ष कांग्रेस विधायक प्रणव कुंवर चैंपियन ने गोली चला दी थी। इससे देहरादून के कांग्रेसी नेता विवेकानंद खंडूड़ी घायल हुए थे। चैंपियन ने पार्टी में तीन फायर किए थे। इनमें से एक गोली खंडूड़ी के पैर में लगी थी। उन्हें सीएमआई अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पुलिस को दिए बयान में खंडूड़ी ने गोली लगने से इनकार कर दिया।
 
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खंडूड़ी ने कहा था कि गिर जाने से उनके पैर में चोट लगी। बाद में डॉक्टरों ने भी उनके बयान की पुष्टि की। हालांकि, कुछ दिन बाद विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बयान दिया कि गोली चैंपियन ने ही चलाई थी। इसके बाद चैंपियन पर पुलिस ने केस तो दर्ज किया, लेकिन थाने से ही जमानत दे दी गई। चैंपियन पर केस होने के बाद भी खंडूड़ी ने अपना बयान नहीं बदला। सूत्रों के मुताबिक खंडूड़ी परिचितों से अकसर कहते थे कि उन्होंने चैंपियन के खिलाफ इसलिए बयान नहीं दिया कि उनके चैंपियन के पिता से अच्छे संबंध थे।
 

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- फोटो : अमर उजाला
चैंपियन अपनी हरकतों और पार्टी विधायक देशराज कर्णवाल से विवाद को लेकर पहले से ही संगठन के निशाने पर थे। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में उत्तराखंड के बारे में चैंपियन ने जो अपशब्द कहे, उसे केंद्रीय नेतृत्व पचा नहीं पाया। यही वजह थी कि पार्टी को कड़ा फैसला लेते हुए चैंपियन को हटाना पड़ा।
 
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18 मार्च 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नौ विधायकों में कुंवर प्रणव चैंपियन भी थे। बागी होने पर कांग्रेस ने उन्हें छह साल के  लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद चैंपियन ने अपनी पारंपरिक सीट खानपुर से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता। वे उम्मीद कर रहे थे कि चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद पार्टी उन्हे मंत्री बनाएगी। लेकिन उनकी हसरतें पूरी न हो सकी।
 
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अमित शाह - फोटो : Social Media
इसका क्षोभ उनके व्यवहार में तब दिखा जब वे मुख्यमंत्री की शिकायत करने सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पास जा पहुंचे। पार्टी ने उनके इस आचरण पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। चैंपियन को अपने इस रवैये के लिए खेद जताना पड़ा। इसके बाद उनका पार्टी के ही विधायक देशराज कर्णवाल से इस कदर विवाद हो गया कि नौबत कोर्ट कचहरी तक जा पहुंची। 
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अजय भट्ट
पार्टी ने दोनों विधायकों के विवाद के लिए जांच बैठा दी। जांच कमेटी ने रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को सौंपी। इस रिपोर्ट पर प्रदेश नेतृत्व की हीलाहवाली से चैंपियन के हौसले बढ़ गए। चैंपियन ने दिल्ली में एक टीवी रिपोर्टर से बदसलूकी कर डाली। इस पर केंद्रीय नेतृत्व ने कड़ा नोटिस लिया। दबाव में आई पार्टी को उन्हें तीन महीने के लिए निलंबित करना पड़ा।
 
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भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन - फोटो : अमर उजाला
इतना सब होने पर भी पार्टी चैंपियन पर कोई सख्त कार्रवाई करने के मूड में नहीं थी। लेकिन अपने बड़बोलेपन के लिए कुख्यात चैंपियन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे उत्तराखंड के बारे में अपशब्द कहते दिखाई दिए। इसी बदजुबानी से चैंपियन की भाजपा में बने रहने की कहानी खत्म हो गई।    
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