महाभारत काल में पांडव इस चट्टान के आकार के पकोड़े से अपनी भूख मिटाते थे। पौराणिक मान्यताओं के अनुसान अज्ञातवास के दौरान पांडव उत्तराखंड के लैंसडौन से गुजरे थे।
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इस चट्टान के आकार के पकोड़े से पांडव मिटाते थे अपनी भूख
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bhim pakora in uttarakhand
उत्तराखंड के लैंसडौन स्थित भीम पकोड़ा पत्थर को देखने के लिए पर्यटकों में उत्सुकता बनी रहती है।
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इस चट्टान के आकार के पकोड़े से पांडव मिटाते थे अपनी भूख
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कहा जाता है कि पांडवों के अज्ञातवास के दौरान केदारनाथ के लिए प्रस्थान करने के लिए वे यहां से गुजरे थे। पांडवों ने यहां भोजन किया।
इस चट्टान के आकार के पकोड़े से पांडव मिटाते थे अपनी भूख
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भोजन के अवशेष यहां बड़े बड़े पत्थरों के रूप में माने जाते हैं।
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बताते हैं कि चार छोटे छोटे पत्थरों के सबसे ऊपर 100 टन का बडा़ पत्थर है, जो कि एक हाथ रखने पर ही हिलता नजर आता है।