उत्तराखंड के रुड़की में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को सुनने के लिए आसपास देहात क्षेत्रों के दलित समाज के युवा सुबह से ही नेहरू स्टेडियम में जुटने शुरू हो गए थे। मैदान में जोश और आक्रोश दोनों था, लेकिन अनुसूचित जाति के हकों के लिए आग उगलने वाले चंद्रशेखर ने शुरुआती भाषण से कांग्रेस पार्टी की भाषा के अनुरूप मुस्लिम प्रेम का खुलकर इजहार किया।