भारत बंद के ऐलान के साथ भीम आर्मी ने हरिद्वार और रुड़की में जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। ज्वालापुर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन की वजह से दोपहर तक ज्वालापुर में आमजन जाम से दो चार होते रहे।
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भीम आर्मी ने सीआरसी-सीएए एवं प्रोन्नती में आरक्षण की व्यवस्था खत्म करने के विरोध में भारत बंद का ऐलान किया था। पुलजटवाडा पर भीमआर्मी ने एकत्र होकर शहर भर में जुलूस निकालते हुए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचने की तैयारी की थी। भीमआर्मी के प्रदर्शन के मददेनजर प्रशासन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए थे।
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जिला प्रभारी डॉ मेहरबान ने सीआरसी एवं सीएए को संविधान के खिलाफ बताया। कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के रुख से एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करना भी संविधान विरोधी है।
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भीम आर्मी के रानीपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष शिवकुमार डिक्कन के नेतृत्व में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान तिराहे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में सीएए, एनआरसी वापस लो के नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे। इस अवसर पर शिवकुमार डिक्कन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए सीएए और एनआरसी कानून को वापस लेने तक लड़ाई जारी रखी जाएगी।
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रुड़की में विभिन्न मांगों को लेकर भीम आर्मी के भारत बंद का शहर में ज्यादा असर नहीं दिखा। हालांकि दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान रुड़की में हुए हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर लोगों में डर बना हुआ था। इसी के अनुसार पुलिस प्रशासन ने भी पहले की अपेक्षा ज्यादा तैयारियां कर रखी थी। इसके चलते विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का मौका नहीं दिया गया।
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सुबह 11 बजे कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी और करीब ढाई बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को मांग पत्र सौंपकर भीड़ घर लौट गई। पिछली बार हुए हिंसक प्रदर्शन के कई बड़े कारण सामने आए थे। इसमें एक कारण तो यह था कि खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से काम नहीं किया था, जिसके चलते रुड़की में हजारों की भीड़ पहुंच गई।
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मिलिट्री चौक पर मोहनपुरा की ओर से रैली आने के बाद चौक पर पुलिस ने रैली को रोक दिया था। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने वहीं पर बैठकर धरना दिया। इस दौरान उनकी पुलिस ने नोंकझोंक हो गई। हाईवे जाम करने के लिए कुछ लोग चौक पर बैठ गए थे।
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गंगनहर कोतवाल राजेश साह ने लाठी फटकार कर युवाओं को तितर बितर किया। वहीं रास्ता जाम करने के लिए महिला कार्यकर्ताओं को अपनी ओर बुला रहे युवक को एसपी देहात एसके सिंह ने जमकर फटकार लगाई। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भीम आर्मी की रैली में जो तख्ती लेकर कार्यकर्ता चल रहे थे उनमें अधिकांश सीएए और एनआरसी के विरोध करने वाली बैनर और तख्तियां थी। रैली में अधिकांश युवा ही नजर आ रहे थे। कुछ महिलाएं भी थी। कुछ युवा डंडे लेकर भी चल रहे थे।