उत्तराखंड की वादियों में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी पर्यटकों से गुलजार हो गई है। यहां हर दिन नई-नई प्रजाति के फूल खिल रहे हैं। मौसम के साथ फूलों का रंग भी बदलता दिखाई देने लगा है। तस्वीरों में देखिए फूलों की घाटी के शानदार नजारा
विज्ञापन
गुलजार हुई दुनिया की मशहूर फूलों की घाटी, जन्नत सा नजारा
2 of 7
चमोली जिले स्थित घाटी की पहाड़ियां बर्फ से लकदक हैं। दूर-दूर तक फैले हैं बुग्याल और तलहटी में फूलों की लंबी कतार। घांघरिया से घाटी तक तीन किमी का पैदल मार्ग मखमली बुग्यालों के बीच से होकर गुजर रहा है। घांघरिया से एक किमी की दूरी पर स्थित द्वारीधार में आपदा के दौरान बह गया पैदल पुल नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने दुरुस्त कर दिया है।
विज्ञापन
गुलजार हुई दुनिया की मशहूर फूलों की घाटी, जन्नत सा नजारा
3 of 7
यहां से एक किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर इंदिरा प्वाइंट में पहुंच घाटी के दर्शन हो रहे हैं। पर्यटक जैसे ही बामणधौड़ में पहुंच रहे हैं, यहां से संपूर्ण घाटी का नजारा दिख रहा है।
गुलजार हुई दुनिया की मशहूर फूलों की घाटी, जन्नत सा नजारा
4 of 7
मुंबई से फूलों की घाटी के सैर-सपाटे पर आए पर्यटकों के 10 सदस्यीय दल ने अमर उजाला से यात्रा के अनुभवों को साझा किया। दल के सदस्य राधिका जोशी, प्रज्ञा ओक, ज्योतिनाड पुरोहित, वैशाली रानी, प्रसाद गौड़ और राजन नाड़ पुरोहित ने बताया कि इंटरनेट पर फूलों की घाटी के बारे में पढ़ा तो यहां के सैर-सपाटे पर पहुंचे।
विज्ञापन
गुलजार हुई दुनिया की मशहूर फूलों की घाटी, जन्नत सा नजारा
5 of 7
विदेशी पर्यटक स्टीफन ने बताया कि उन्होंने अपने तीन साथियों के साथ फूलों की घाटी में चार दिन गुजारे, लेकिन यह समय कब गुजर गया, पता ही नहीं चला। घाटी तक पहुंचने के लिए गोविंदघाट से घांघरिया तक 13 किमी पैदल मार्ग थोड़ा तकलीफदेह है, लेकिन घांघरिया से घाटी तक पहुंच मार्ग बेहद रमणीक और उत्साह से भरा है।
विज्ञापन
गुलजार हुई दुनिया की मशहूर फूलों की घाटी, जन्नत सा नजारा
6 of 7
विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी बीती एक जून को पर्यटकों के लिए खुली थी। अभी तक 1143 पर्यटक घाटी के दीदार को पहुंचे। जून माह में 422 पर्यटक घाटी में पहुंचे। इसमें से 396 देशी और 26 विदेशी पर्यटक हैं। जबकि जुलाई माह में 721 पर्यटक घाटी के दीदार को पहुंचे। जिनमें से 660 देशी और 61 विदेशी पर्यटक हैं।
गुलजार हुई दुनिया की मशहूर फूलों की घाटी, जन्नत सा नजारा
7 of 7
घाटी के संरक्षण का जिम्मा संभाले नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन के पास है। पार्क के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी का कहना है कि घांघरिया से बामणधार तक जिन स्थानों में हिमखंडों से पैदल रास्ता
क्षतिग्रस्त था, वहां रास्ता पूरी तरह से सुगम बना लिया गया है। पर्यटकों
को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जा रही है।