फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

'सेक्स पॉवर' बढ़ाने के लिए मारे जा रहे भालू, विदेशों में जबर्दस्त मांग

Tue, 29 Nov 2016 03:41 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
1 of 9
bear hunt - फोटो : dailymail
यौनवर्द्धक दवाओं में भालू की पित्त की थैली के इस्तेमाल के चलते उत्तराखंड के जंगलों में भालुओं की शामत आ गई है। जलवायु परिवर्तन के कारण बिगड़े वासस्थलों की वजह से यहां-वहां भटकते भालू आसानी से वन्य जीव तस्करों का शिकार हो रहे हैं। इन दिनों वन्य जीव तस्करों के गिरोह प्रदेश के जंगलों में सक्रिय हैं।

2 of 9
bear hunt - फोटो : AmarUjala
वनाधिकारियों ने ग्राहक बनकर रुद्रप्रयाग के तीन अलग-अलग लोगों को पकड़ा है तो यह हकीकत सामने आई है। इसके बाद नेशनल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो भी सतर्क हो गया है।

3 of 9
bear - फोटो : amar ujala
पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक भालू की हत्या कर उसकी पित्त की थैली निकालने की घटनाएं प्राय: जाड़ों में नहीं होती थीं। परंपरागत रूप से जाड़ा भालुओं के ‘हाइबरनेशन’ में जाने का मौसम है, लेकिन तापमान बढ़ने से भालुओं के पुश्तैनी वासस्थल सिकुड़ गए या फिर नष्ट हो गए।

4 of 9
भालू
साथ ही वहां आबादी भी पहुंच गई है। इससे भालू यहां-वहां छितरा गए हैं। वासस्थलों से हटकर नए स्थानों की तलाश में भटकते भालू आसानी वन्य जीव तस्करों का शिकार बन रहे हैं।

5 of 9
oral sex - फोटो : getty images
नेशनल वाइल्ड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के मुताबिक चीन, वियतनाम समेत अन्य एशियाई देशों में परंपरागत यौनवर्द्धक दवाए बनाने में भालू की पित्त की थैली का इस्तेमाल होता है। लिहाजा भालू की पित्त की थैली की इन देशों में अच्छी कीमत पर खासी डिमांड है।
विज्ञापन

6 of 9
d - फोटो : BBC
वाइल्ड क्राइम से जुड़े विशेषज्ञों की माने तो यूरोपीय देशों में इस तरह की यौनवर्द्धक दवाओं की डिमांड काफी हैं, जिनमें वन्यजीवों के अंग विशेष का इस्तेमाल होता है। हालांकि इन अंगों का इस्तेमाल महज नीम हकीमी सोच के चलते हो रहा है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

7 of 9
bear
अंतरराष्ट्रीय वन्य जीव तस्करों का नेटवर्क पित्त की थैली पाने के लिए स्थानीय वन्य जीव तस्करों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे ही रुद्रप्रयाग जिले के वन्य जीव तस्कर दुष्यंत सिंह, रविंद्र कुमार, पंकज सिंह को वन विभाग के अधिकारियों ने डोईवाला, ऋषिकेश (देहरादून) से पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया।

8 of 9
सेक्सुअल
स्थानीय तस्कर भालुओं को मारकर इनकी पित्त की थैली मामूली कीमत पर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों को बेच देते हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय वन्य जीव तस्कर चीन, वियतनाम समेत अन्य एशियाई देशों में मोटी कीमत पर बेच देते हैं। 
विज्ञापन

9 of 9
bear
चीन, वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया की परंपरागत शक्तिवर्द्धक दवाओं में भालू की पित्त की थैली का इस्तेमाल होता है।  मुनाफे के चक्कर में लोग भालुओं को मार रहे हैं। दरअसल, भालुओं के प्राकृतिक वासस्थल छोटे हो गए। हाइबरनेशन भी प्रभावित हुआ है। लिहाजा इधर-उधर भटकते भालुओं को वन्य जीव तस्कर निशाना बना रहे हैं।  तस्करों की नकेल कसने के लिए उनके घरों, ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
-निशांत वर्मा, उप निदेशक, नेशनल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो
Next
AU ऐप में पढ़ें