satpal maharaj
वर्ष 1965 में भारत को अमेरिका के सहयोग से नंदादेवी की चोटी पर राडार स्थापित करना था। राडार को संचालित करने जब प्लूटोनियम पैक ले जाया जा रहा था, तभी बर्फीला तूफान आ गया। हिमस्खलन में यह पैक नंदादेवी में बर्फ में कहीं दब गया। हालांकि, 1967 में दूसरा प्लूटोनियम पैक ले जाकर राडार स्थापित किया गया, लेकिन पहले वाला पैक अभी भी वहीं दफन है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बीती दो अगस्त को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस तरफ उनका ध्यान आकृष्ट कराया। इधर हॉलीवुड ने इस पूरे घटनाक्रम पर फिल्म बनाने की तैयारी भी कर ली है।