परंपरागत मिठाई के साथ-साथ इस बार दिवाली पर बाबा रामदेव के हर्बल उत्पाद उपलब्ध भी होंगे। योगगुरु ने दिवाली का बाजार समेटने की पूरी तैयारी कर ली है। कई जूस पैक, मुरब्बे, कैंडी बाजार में उतार दी है। त्योहार के लिए सोहन पापड़ी और रसगुल्ले शीघ्र देशभर में उपलब्ध होंगे।
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पतंजलि का आटा नूडल्स
बाबा रामदेव धीरे-धीरे भारतीय बाजार की अनिवार्यता बनते जा रहे हैं। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं जिसे बाबा छोड़ना चाहते हैं। गल्ला व्यापार से लेकर दूध और खाद बाजार तक बाबा पकड़ बनाने जा रहे हैं।
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patanjali
बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीतल पेय पूरी तरह से बंद कराने के लिए बाबा करीब दर्जनभर फलों के रस दीपावली के लिए विशेष रूप से बाजार में उतार रहे हैं।
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पतंजलि उत्पाद
- फोटो : gettyimages
बाबा चाहते हैं कि दीपावली पर कोका कोला और पेप्सी न खरीद कर देशवासी स्वदेशी जूस खरीदें। इसी के साथ च्यवनप्राश, अमृतप्राश, मूसलीपाक, अमृत रसायन आदि कई पैक्ड भारतीय बाजारों के साथ-साथ बाहरी देशों के बाजारों में भी दिवाली के लिए भेजे जा रहे हैं।
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acharya balkrishna
त्योहार के लिए आंवला कैंडी, पपीता कैंडी, आम कैंडी सभी तरह के मुरब्बे, अनारदाना, हींगपेड़ा, कार्नफ्लैक्स, गिलोय रस, एलोवीरा रस, आंवला रस नई साज-सज्जा के साथ बाजार में उपलब्ध हैं। बाबा की मंशा है कि लोग कई-कई दिनों से बनी मिठाई खाने के बजाय आयुर्वेदिक उत्पादनों के उपहार बांटे।
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d
बाबा रामदेव के करीबी और पतंजलि के सीईओ आचार्य बारकृष्ण कहते हैं परंपरागत मिठाइयों का कोई विरोध नहीं है। हम चाहते हैं कि लोगों को स्वास्थ्यवर्धक पदार्थ दिवाली पर मिलें। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां दीपावली बाजार को आय का साधन बनाती आई हैं। शुरू से हमारा लक्ष्य है कि भारत को स्वदेशी प्रदान किया जाए।
बालकृष्ण आगे कहते हैं जो सामान पतंजलि बाजार में भेज रहा है ऐसा ही सामान देश की आयुर्वेदिक कंपनियां भी बाजार को दे रही हैं। यदि देशवासी स्वास्थ्यवर्धक पदार्थों का उपयोग करेंगे तो पर्व निरोग बीतेगा। बाबा रामदेव चाहते हैं कि दीपावली जैसा पर्व घरों में बीमारियां न लाए। हर्बल उत्पाद घर में लाकर और दूसरों को भेंटकर स्वस्थ भारत के निर्माण में सभी जुटें।