पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में एक योद्धा शासक भी देखता है। ऐसे में सरकार को जन भावनाओं और समय की मांग को देखते हुए पाकिस्तान के साथ युद्ध करना चाहिए। हमारी लड़ाई न तो पाकिस्तान की अवाम से है और ना ही कश्मीर की जनता से।
हमारी लड़ाई केवल आतंकवाद से है। इसलिए किसी से अनावश्यक वैमनस्य रखने की जरूरत नहीं है। बता दें कि जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंस देवाचार्य महाराज की अस्थियां रविवार को कनखल स्थित सती घाट पर गंगा में प्रवाहित की गई।