इस कार्यक्रम के मूल में बाबा रामदेव की तरफ से तीन ऐसी बातें निकलकर सामने आई, जिन पर कभी गौर नहीं किया गया था। पहली एक हजार और पांच सौ रुपये के बड़े नोट बंद करना। दूसरी सभी तरह के टैक्स खत्म कर केवल एक टैक्स लगाना। जिससे टैक्स की चोरी न हो और किसी को टैक्स देना भारी भी न पड़े। तीसरी बात प्लास्टिक करेंसी के तौर पर सामने आई थी।