Handicraft
कर्तव्य कर्मा ट्रस्ट से जुड़ीं करीब 40 महिलाओं की कहानी सुई धागा फिल्म में ममता के किरदार से मिलती जुलती हैं। कुछ महीने पहले तक घर के फटे पुराने कपड़ों की सिलाई या बटन लगाने के काम में सीमित ये महिलाएं अब सुई धागे की मदद से आकर्षक बैग, हैंड पर्स और फैब्रिक ज्वैलरी तैयार कर रही हैं। इनके उत्पादों को दिल्ली, बंगलूरू, गुरुग्राम और मुंबई में अब बाजार मिल रहा है। संचालक गौरव अग्रवाल ने बताया कि गांव में ‘पहाड़ी हाट’ समूह खोला गया है। इसमें महिलाएं फैब्रिक ज्वैलरी, ईको फै्रंडली बैग, जूट बैग, ऊनी कपड़े, के साथ ही स्थानीय स्तर पर मसाले तैयार कर पैसे कमा रहीं हैं।