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वरुण-अनुष्का की ‘सुई धागा’ से कम नही यहां की महिलाओं की रियल लाइफ स्टोरी, देशभर में कमा रहीं नाम

Wed, 12 Sep 2018 04:40 PM IST
पूनम उप्रेती/अमर उजाला, हल्द्वानी
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sui dhaga - फोटो : अमर उजाला
जब आप वरुण, अनुष्का की फिल्म सुई धागा देखें तो ज्योलीकोट की महिलाओं के बारे में भी सोचे। सुई धागे से बटन टांकने से शुरू कर यहां की 40 महिलाओं ने अपने उत्पादों के लिए बाजार खड़ा किया। आज इनकी ओर से तैयार किए जा रहे सामान की पूछ दिल्ली और मुबंई तक में है। नामी प्रशिक्षण संस्थान भी मजबूर हैं कि वे इनसे हैंडीक्राफ्ट की तालीम लें।
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Handicraft
कर्तव्य कर्मा ट्रस्ट से जुड़ीं करीब 40 महिलाओं की कहानी सुई धागा फिल्म में ममता के किरदार से मिलती जुलती हैं। कुछ महीने पहले तक घर के फटे पुराने कपड़ों की सिलाई या बटन लगाने के काम में सीमित ये महिलाएं अब सुई धागे की मदद से आकर्षक बैग, हैंड पर्स और फैब्रिक ज्वैलरी तैयार कर रही हैं। इनके उत्पादों को दिल्ली, बंगलूरू, गुरुग्राम और मुंबई में अब बाजार मिल रहा है। संचालक गौरव अग्रवाल ने बताया कि गांव में ‘पहाड़ी हाट’ समूह खोला गया है। इसमें महिलाएं फैब्रिक ज्वैलरी, ईको फै्रंडली बैग, जूट बैग, ऊनी कपड़े, के साथ ही स्थानीय स्तर पर मसाले तैयार कर पैसे कमा रहीं हैं। 
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Handicraft
स्थानीय निवासी रजनी और नेहा महिलाओं को हथकरघा के काम सिखा रहीं हैं। कच्चा माल जयपुर से मंगाया जाता है। परियोजना समन्वयक पवन बिष्ट ने बताया कि गुजरात के धीरू भाई अंबानी इंस्टीट्यूट ऑफ कम्यूनिकेशन एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज के 18 छात्रों का यहां इंटर्नशिप कराने का प्रस्ताव मिला है। समूह में पूजा, हेमलता, कमला, सीमा, फिरोजा आदि कई युवतियां और महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।

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Handicraft
महिलाओं की ओर से अलग-अलग वैरायटी के बैग तैयार किए जा रहे हैं। इनमें रामझोला, बुद्धा बैग, कृष्णा बैग, हैंड पर्स, लेडिज पर्स और फि रंगी बैग आदि शामिल हैं। सुई धागे से माला, गलोबंद, बैसलेट, टॉपस आदि ज्वैलरी बनाई जा रही है। महिलाओं ने बताया कि पहला बैग विदेशी व्यक्ति के खरीदने पर इसे फिरंगी बैग का नाम दिया गया।  
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Varun Dhawan
समूह के संचालक गौरव अग्रवाल के अनुसार उन्होंने अभिनेता ने वरुण धवन को ट्वीट किया कि फिल्म की कहानी उनकी संस्था में कार्यरत महिलाएं जैसी है। महिलाएं फिल्म के रिलीज होने की बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। हम सभी (ममता और मौजी की कहानी) देखने जाएंगे। वरुण धवन ने रिट्वीट कर बताया कि आप सभी मौजी और ममता की कहानी से जुड़ाव महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए संस्था का निर्माण किया गया है।
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