देवाल ब्लॉक के कोठी गांव में 16 सितंबर को जिस घर में बेटी के जन्मदिन की तैयारियां होनी थीं, वहां मातम छा गया। सार्जेंट आशीष जुयाल ने बेटी गिन्नी से उसके जन्मदिन पर घर आने और साथ में खुशियां मनाने का वादा किया था। परिवार को इंतजार था कि पिता अपनी लाडली को जन्मदिन की बधाई देंगे, लेकिन आशीष तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचे।
दिल्ली के सेना अस्पताल में 15 सितंबर की रात इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। 37 वर्षीय आशीष वायुसेना में दिल्ली में कार्यरत थे। गुरुवार शाम उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। सैन्य सम्मान के साथ घटबगड़ पैतृक घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
वायुसेना दिल्ली में कार्यरत चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के कोठी गांव निवासी सार्जेंट आशीष जुयाल का सैन्य सम्मान के साथ घटबगड़ पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। बीते 12 सितंबर को अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर आशीष को दिल्ली स्थित सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 15 सितंबर की रात इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बृहस्पतिवार शाम जब तिरंगे में लिपटे जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया।