बुधवार को दिन भर तबाही मचाने के बाद गुरुवार को बारिश थमने से खौफजदा लोगों को राहत मिली। वहीं मौसम खराब होने के चलते रुकी केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा भी शुरू हो गई। कीर्तिनगर थाने के अंतर्गत ग्राम रानीहाट मे नदी के तटपर दो मानव शव मिले हैं। पुलिस ने पहुंच कर शव को निकाला। पुलिस ने आशंक जताई है कि रुद्रप्रयाग से यह शव नदी में बहकर आए हैं। बुधवार को मसूरी के रास्ते मे गायब फौजी विक्रम मनराल का मृत शरीर मंकी हिल मसूरी में 60 फ़ीट नीचे मिल गया है। पुलिस और आईटीबीपी को मदद से 60 मीटर गहरी खाई शव को निकाला गया।
हल्द्वानी के कालाढूंगी की बौर नदी में विजयपुर चकलुवा गांव निवासी 42 वर्षीय भुपाल सिंह बोरा पुत्र धन सिंह बोरा का शव मिला है। परिजनों ने गुरुवार की सुबह भुपाल सिंह की गुमशुदगी की तहरीर दी थी। मंगलवार की रात नयागांव से पैदल बौर नदी से होकर घर जाने के समय नदी में पानी बढ़ जाने से हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं चारधाम यात्रा मार्गों का खुलने व बंद होने का सिलसिला अभी भी जारी है। बदरीनाथ हाईवे भी लामबगड़ में बंद पड़ा था। जिसे सुबह साढ़े 11 बजे लामबगड़ में छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। पहले अभी बदरीनाथ धाम, हनुमानचट्टी और लामबगड़ में फंसे करीब 75 वाहनों को पुलिस द्वारा गन्तव्य को भेजा जा रहा है। इन वाहनों में बदरीनाथ की और फंसे करीब 150 तीर्थयात्री गन्तव्य को भेजे जा रहे हैं।
लामबगड़ क्षेत्र में फिर से मौसम खराब होने लगा है। हाइवे फिर बंद हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार अब एक हफ्ते तक मानसून की रफ्तार मंद रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी, लेकिन भारी अथवा बहुत भारी वर्षा की संभावना फिलहाल नहीं है। बड़कोट में यमुनोत्री राजमार्ग पर दोहपर 12 बजे बाद आवाजाही शुरू हुई।
देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, हरिद्वार के साथ ही कुमाऊं के सभी जिलों में बारिश थमी है। हालांकि आसमान में हल्के बादल हैं और पहाड़ी इलाकों में ज्यादातर स्थानों पर कोहरा छाया है।