बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में माहौल उस समय गरमा गया जब दो 'पुराने दुश्मन' फिर एक बार आमने सामने आ गए। बैठक में वे दोनों के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई। आगे जानिए क्या हुआ...
केदारनाथ विकास प्राधिकरण के गठन को लेकर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और वन मंत्री हरक सिंह रावत के बीच नोकझोंक हुई है। कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद सचिवालय में यह चर्चा बुधवार को गरम रही। महाराज ने इससे दो टूक इंकार किया, मगर हरक ने इस मुद्दे पर मतभेद और सुझाव देने की बात स्वीकारी है।
सूत्रों की माने तो कैबिनेट की बैठक में पर्यटन विभाग की ओर से केदारनाथ विकास प्राधिकरण में पदों के सृजन के प्रस्ताव पर जब चर्चा चल रही थी तो हरक सिंह रावत ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि केदारनाथ विकास प्राधिकरण के गठन का मतलब क्या है? इसी तर्ज पर बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार और ऋषिकेश विकास प्राधिकरण का भी गठन करना पड़ेगा।