देहरादून स्थित नंदा की चौकी के पास रविवार शाम को झोपड़ियों की बस्ती में भीषण आग लग गई। लपटों में करीब 28 झोपड़ी जलकर खाक हो गईं। अफरातफरी के बीच पूरी बस्ती को खाली करा दिया गया। अधिकांश गृह स्वामी तो बाहर थे, लेकिन महिलाएं और बच्चे झोपड़ियों में थे। समय रहते सभी को बचा लिया गया। आग में मोटर साइकिल के अलावा नकदी और कपड़े आदि जल गए। दमकल कर्मचारियों ने डेढ़ घंटे के प्रयासों के बाद आग पर काबू पा लिया, अन्यथा अन्य सवा सौ झोपड़ियां भी उसकी चपेट में आ सकती थी। प्रेमनगर के कोटला संतूर ग्राम पंचायत इलाके में नंदा की चौकी के पास बस्ती है, जिसमें डेढ़ सौ के करीब झोपड़ियां है।
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देहरादूनः आग की लपटों में खाक हुई 28 झोपड़ियां
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आग
रविवार शाम साढ़े चार बजे के करीब राजू की झोपड़ी में आग लग गई। हवा के चलते आग के विकराल रुप धारण करने में समय नहीं लगा। देखते ही देखते आग बढ़ती चल गई। लपटों की वजह से पूरी बस्ती में अफरातफरी मच गई। लोगों ने 100 नंबर और थाने पर इसकी जानकारी देते हुए आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। बस्ती के लोगों ने पहले महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकालने का काम किया।
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देहरादूनः आग की लपटों में खाक हुई 28 झोपड़ियां
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आग
फायर बिग्रेड जब तक पहुंची, तब आग काफी बढ़ चुकी थी। पांच गाड़ियां लगाकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। करीब डेढ़ घंटे के प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया सका। आग बुझी तो लोगों ने राहत की सांस ली। अग्निकांड से बस्ती में कोहराम मचा है। मजदूरी कर लौटे लोग काफी देर तक माथा पकड़े बैठे रहे। प्रधान रविन्द्र सिंह का कहना है कि दमकल कर्मचारी यदि थोड़ा पहले आ जाते से नुकसान को कम किया जा सकता था। एसडीएम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों को मदद का भरोसा दिलाया गया है।
अग्निकांड में हजारों के नोट भी जल गए है। प्रधान रविन्द्र सिंह के मुताबिक ग्रामीणों ने झोपड़ी में नक दी और जेवर आदि रखे हुए थे। आग की लपटों की वजह से ग्रामीणों नकदी और जेवर भी नहीं निकाल सके। एक हजार और पांच-पांच के काफी नोट अधजली हालत में बरामद हुए है। राजू, रामप्रसाद, अमरनाथ, हीरा लाल, गोपाल, हरिशंकर, प्रसादी लाल, देवेन्द्र, राम सिंह, शंकर, तेजपाल, परमानंद, दौजी, सुंदर, योगेश, राजबीर, हेमराज, दिनेश, मेवीराम, सोमवीर, अमर सिंह, पप्पू, चंपत, चौबे सिंह, नन्हें, पूरण, माया देवी और भारत की झोंपड़ी जल गई थी। इन ग्रामीणों ने नुकसान की सूची भी एसडीएम को उपलब्ध कराई है। इनमें देवेन्द्र की झोंपड़ी में करीब एक लाख 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। अन्य ग्रामीणों ने नुकसान 50 से 70 हजार रुपये के बीच बताया है।