टीम इंडिया में सिक्सर किंग के नाम से मशहूर युवराज सिंह की वापसी पर दिनों-दिन खतरा मंडराता जा रहा है। धीरे-धीरे टीम में उनकी वापसी के सारे रास्ते बंद होते जा रहे हैं। 35 वर्षीय युवराज सिंह कभी न हार मानने वाले क्रिकेटर हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा बहुत कुछ घटा है जो उनके उनके पक्ष में होता नहीं दिख रहा है। क्रिकेट फैंस चाहेंगे कि युवी जल्द ही टीम इंडिया का हिस्सा बने, जिसके लिए वो कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मगर उनके प्रदर्शन को देखते हुए रियलिटी चेक करना गलत नहीं होगा। इस लेख में हम आपको ऐसे पांच कारण बताने जा रहे हैं, जो युवी के पक्ष में नहीं है और शायद इनकी वजह से टीम इंडिया में उनकी वापसी मुश्किल में पड़ जाए। आईए नजर डालते हैं कि इन कारणों पर:
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बढ़ती उम्र बड़ी चिंता
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युवराज
- फोटो : SELF
ऑलराउंडर युवराज सिंह अभी 35 साल के हैं और दिसंबर में वो 36 साल के हो जाएंगे। टीम इंडिया में फिलहाल एक-दो को छोड़कर सारे खिलाड़ी 30 साल के नीचे हैं। क्रिकेट इतिहास में देखने को मिला है कि उम्र का असर खिलाड़ी के शरीर पर पड़ता है। युवी भी अब उम्रदराज खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शामिल हो चुके हैं। हाल ही में कई क्रिकेट पंडित भी कह चुके हैं कि युवी पर उम्र का असर दिखने लगा है, इसलिए वो टीम इंडिया में वापसी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बाएं हाथ के बल्लेबाज की टीम इंडिया में एंट्री खतरे में पड़ती दिखाई देती है।
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फिटनेस के लिए जूझ रहे हैं युवराज
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युवराज सिंह
- फोटो : Twitter
गौरतलब है कि हाल ही में बंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) में हुए यो-यो फिटनेस टेस्ट में युवराज फेल हो गए थे। हालांकि इस दौरान और कई खिलाड़ियों का टेस्ट हुआ था, जिसमें चेतेश्वर पुजारा और रविचंद्रन अश्विन पास हो गए थे। इससे पहले भी युवराज इस टेस्ट को पास करने में असफल हुए थे। इसी कारण युवराज का टीम इंडिया में चयन नहीं हो पाया था। हालांकि चयनकर्ताओं का ये मानना है कि यदि अनुभवी खिलाड़ियों को टीम इंडिया में एंट्री करना है तो उन्हें फिटनेस टेस्ट पास करना होगा।
बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी
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युवराज सिंह
वैसे तो युवराज टीम इंडिया के सिक्सर किंग के नाम से मशहूर हैं। मगर पिछले कुछ महीनों में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा है। उन्होंने अपना आखिरी वन-डे जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इस दौरान उन्होंने 70 की औसत के साथ 55 गेंदों में 39 रन की पारी खेली। दरअसल, इंग्लैंड के खिलाफ 150 रन की पारी खेलने के बाद युवी अगले मैचों में लय हासिल करने में नाकाम दिखे। उनकी धीमी पारियां भी टीम इंडिया से उनके बाहर होने का प्रमुख कारण रही। युवराज की बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी स्पष्ट रूप से दिखी और फिर चयनकर्ताओं ने बोल्ड फैसला लेते हुए फैंस के चहेते युवी को टीम से बाहर करने का निर्णय लिया।
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फील्डिंग में सुस्ती
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युवराज सिंह
एक समय ऐसा था जब युवराज बैटिंग और बॉलिंग के अलावा बेहतरीन फील्डिंग के लिए भी जाने जाते थे। मगर पिछले कुछ मैचों से उनकी फील्डिंग में सुस्ती साफ दिखी है। युवी गेंद को चेस नहीं कर पा रहे थे और एक मैच में तो वो गेंद पकड़ने से घबराते हुए भी दिखे। मालूम हो कि टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान ने इसी साल चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान युवराज सिंह की फिल्डिंग को लेकर चुटकी ली थी। उन्होंने युवराज पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है युवराज तुम मेरी तरह फील्डिंग क्यों कर रहे हो?
I am tweeting like you @YUVSTRONG12 but why are you fielding like me ??? Hahaha https://t.co/FaPx75Kn8Q
— zaheer khan (@ImZaheer) June 12, 2017
गौरतलब है कि टीम इंडिया में फिलहाल युवाओं की लिस्ट लंबी है। और वो लोग काफी अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे है। हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेन्द्र चहल, केदार जाधव, केएल राहुल, ऋषभ पंत, मनीष पांडे, के नाम हैं, जिनको टीम इंडिया में कप्तान कोहली मौका दे रहे हैं। इसलिए टीम इंडिया में वापसी करना युवराज के लिए मुश्किल हो सकता है। हालांकि, टीम इंडिया चौथे क्रम पर बल्लेबाज की खोज कर रही है, जिसके लिए दिनेश कार्तिक ने अपना दावा पेश किया है। ऐसे में यह देखना रोचक होगा कि युवराज सिंह की वापसी टीम इंडिया में संभव हो सकेगी या नहीं।
नोट: यह सिर्फ आकलन है और हम स्पष्ट रूप से नहीं कह रहे कि युवराज सिंह की वापसी हो नहीं सकती। इस लेख में हमने सिर्फ उन बिंदुओं पर गौर किया है, जिससे युवराज की वापसी खतरे में पड़ सकती है।