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भारत को अगर जीतना है वर्ल्ड कप तो इन तीन बल्लेबाजों का चलना बेहद जरूरी

Sun, 26 May 2019 05:08 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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team india
विश्व कप के शुरू होने से पहले टीम इंडिया को पहले ही अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा। न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 6 विकेट से शिकस्त दी। हार के बावजूद 'मेन इन ब्लू' के कप्तान विराट कोहली ने इस बात को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारतीय शीर्ष क्रम के विफल होने के बाद भी निचले क्रम ने टीम को 180 रन के स्कोर तक पहुंचाया और यह अच्छा प्रयास है।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में कभी कभार शीर्ष क्रम विफल हो सकता है। इसलिए हार्दिक-धोनी की साझेदारी और जडेजा का अर्धशतक जड़ना, कुछ सकारात्मक चीजें थीं।

खैर, हार के बाद भी विराट ने खुद को ढांढस बढ़ाने के साथ-साथ टीम का भी पक्ष लिया, लेकिन सवाल तो यह है कि इस हार से सबक क्यों नहीं? क्या इस हार को सिर्फ 'वॉर्म-अप मैच था' यह कहकर छोड़ दिया जाए? सच तो यह है कि टीम इंडिया को वॉर्म अप मैच से सबक लेने की जरूरत है।
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भारत बनाम न्यूजीलैंड - फोटो : social media
इंग्लैंड में आगामी 30 मई से होने वाले क्रिकेट विश्व कप के लिए भारतीय टीम के लिए नंबर चार का क्रम अभी भी पहेली बना हुआ है, लेकिन विश्व कप में भारतीय प्रदर्शन का दारोमदार शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों पर ज्यादा निर्भर करेगा, जो कीवियों के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में असरदार नहीं दिखा।

वन-डे प्रारूप में भारतीय टीम की सफलता शीर्ष क्रम पर ज्यादा निर्भर कर रही है। सलामी जोड़ी के रूप में रोहित शर्मा और शिखर धवन की मौजूदगी और तीसरे क्रम पर धुरंधर बल्लेबाज विराट कोहली का होना टीम इंडिया को प्रबल दावेदार के रूप में शुमार कराने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
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virat kohli
पिछले चार सालों में कप्तान कोहली के बल्ले से रनों की बरसात हुई है। इस अवधि में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज के प्रदर्शन पर नजर डाली जाए तो उन्होंने शीर्ष क्रम में 65 मैचों में उन्होंने 83.76 की औसत और 98.54 की स्ट्राइक रेट से 4272 रन बनाए जिसमें 19 शतक और 16 अर्द्धशतक शामिल हैं।

इस दौरान वह दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज रहे जिन्होंने 4000 से अधिक रन बनाए। बल्लेबाज ही नहीं कप्तान के रूप में भी कोहली का सिक्का जमकर चला। इस दौरान विराट ऐसे एकमात्र कप्तान बने जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में लगातार दो सीरीज जीती।

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रोहित शर्मा
भारत ने पिछले चार वर्षों में 86 में से 56 वन-डे जीते हैं। न्यूजीलैंड दौरे में जब भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 की बढ़त हासिल की थी तो पिछले विश्व कप के बाद जीत के मामले में वह इंग्लैंड (51) को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे सफल टीम बनी थी।

तब भारतीय टीम की जीत का प्रतिशत भी 67 प्रतिशत रहा था। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में उसे 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। रोहित का नंबर उनके बाद आता है जिन्होंने 71 मैचों में 61.12 की औसत से 3790 रन बनाए। उन्होंने इस बीच 15 शतक और 16 अर्द्धशतक जमाए।
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shikhar dhawan
रोहित के सलामी जोड़ीदार धवन ने 67 मैचों में 45.20 की औसत से 2848 रन बनाए जिसमें आठ शतक और 15 अर्द्धशतक शामिल हैं। पिछले चार वर्षों में भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने मध्यक्रम की तुलना में 6030 रन अधिक बनाए हैं।

शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने कुल मिलाकर 13055 रन बनाए। इस बीच मध्यक्रम के 24 बल्लेबाज 7025 रन ही दर्ज कर पाए। इस बीच शीर्ष क्रम के 45 शतकों की तुलना में मध्यक्रम के बल्लेबाज केवल छह शतक लगा पाए। यही नहीं चोटी के तीन बल्लेबाजों ने मध्यक्रम के 35 अर्द्धशतकों से लगभग दोगुना 67 अर्द्धशतक जमाए।  
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