टीम इंडिया से बाहर चल रहे इरफान पठान की राष्ट्रीय टीम में वापसी लगभग नामुमकिन सी लगती है। 32 वर्षीय पठान ने एक दौर में अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा कर रखा था। उन्हें पाकिस्तान के पूर्व महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम का उत्तराधिकारी माना जाता था। फिर ऐसा कुछ हुआ कि उनके क्रिकेट करियर पर ग्रहण सा लग गया और अब उनका करियर ढलान की तरफ जा पहुंचा है। पठान का करियर कैसे ढलान पर पहुंचा, इसका खुलासा एक पीएचडी की थीसिस में हुआ है। पूर्व महिला क्रिकेटर तनवीर शेख ने हाल ही में पठान के क्रिकेट करियर पर पीएचडी की है। तनवीर शेख ने 202 पेज की थीसिस में बताया- आखिर कैसे क्रिकेट की ऊंचाइयां हासिल करने के बाद इरफान का करियर तेजी से ढलान पर पहुंचा।
विज्ञापन
2 of 5
तनवीर शेख
- फोटो : twitter
तनवीर की थीसिस का विमोचन खुद इरफान पठान ने किया। इसका फोटो पठान ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। थीसिस के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के दौरान इरफान पठान कई बार घायल हुए। इस दौरान जो भी उन्हें सलाह देता, वह उसी की मानते रहे। पठान के लिए लोगों की सलाह मानना ही सबसे ज्यादा घातक साबित हुआ और इसका परिणाम ये रहा कि वो इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हो गए। इरफान पठान भी इस बात से सहमत हैं।
विज्ञापन
3 of 5
इरफान
- फोटो : twitter
इरफान पठान ने भी स्वीकार किया कि चोट से उनके करियर पर बहुत बुरा असर पड़ा। उन्होंने कहा, 'साल 2012 में मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा था। तब मुझे इसकी पूरी उम्मीद थी कि मेरा चयन टेस्ट टीम में हो जाएगा। लेकिन दुर्भाग्य ये रहा कि मैं फिर चोटिल हो गया। चोटिल होने के बाद भी 10 में से 9 दिन मैंने मैदान में खेला। ये चोट मेरे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई।' पठान ने हालांकि मीडिया से बातचीत में कहा कि राखी पर मुझे सबसे अच्छा गिफ्ट मिला। तनवीर आपा ने मुझ पर पीएचडी ही कर दी।
4 of 5
इरफान पठान
- फोटो : bcci
आपको बता दें कि तनवीर शेख इरफान के पूर्व कोच मेहंदी शेख की बेटी हैं। उन्होंने 'ए केस स्टडी ऑन इंटरनेशनल क्रिकेटर इरफान पठान' विषय पर शोध किया। इस पीएचडी में उनके गाइड अहमदाबाद के एचएल कॉलेज ऑफ कॉमर्स के फिजिकल एजुकेशन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एनजे चनियारा रहे। तनवीर शेख ने कहा, 'मैंने अपनी पीएचडी की थीसिस के लिए इरफान की क्रिकेटिंग लाइफ का विषय चुना। इसके लिए मुझे 5 साल लगे। मैंने इरफान के टीम के साथी, कोच, उनके अंपायर, परिवार के सदस्यों और दोस्तों से बात की है। उन सभी ने उनकी बहुत तारीफ की।' तनवीर ने कहा कि इस शोध को पूरा करने के लिए उन्होंने लगभग 200 लोगों को एक प्रश्नावली भेजी, जिसमें से 180 ने जवाब दिया।
इरफान पठान का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर चोटों से प्रभावित होने से पूर्व काफी अच्छा रहा है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 29 मैच खेलकर 100 विकेट झटके। साथ ही उन्होंने 31।57 की औसत से 1105 रन भी बनाए। वनडे करियर में पठान ने 120 मैच खेलकर 173 विकेट लिए। जबकि 23।39 की औसत से 1544 रन भी बनाए। टी-20 इंटरनेशनल में उन्होंने 24 मैचों में 28 विकेट चटकाए।