भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर से हितों के टकराव के मामले पर हलफनामा की मांग की है। आगामी होम सीजन के लिए गावस्कर को कमेंट्री पैनल में शामिल किया गया है। लेकिन गावस्कर को लोढ़ा समिति की सिफारिश के मुताबिक हितों का टकराव नहीं होने का आश्वासन हलफनामे के रूप में देना होगा। बीसीसीआई की कानूनी टीम उक्त हलफनामें की जांच करेगी। जिसके बाद ही कमेंट्री पर नए करार को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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हर साल गावस्कर को कमेंटरी के लिए 4 करोड़ रुपए दिए जाते हैं
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गावस्कर
- फोटो : wisden india
गावस्कर अभी प्रोफेशनल मैनेजमेंट ग्रुप नाम से एक कंपनी चलाते हैं। जो क्रिकेटरों का प्रबंधन करती है। अगर गावस्कर कमेंटरी करते हैं तो वह हितों के टकराव के नियम के आधार पर परेशानी में आ सकते हैं। बीसीसीआई की तरफ से हर साल गावस्कर को कमेंटरी के लिए 4 करोड़ रुपए दिए जाते हैं।
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हितों के टकराव का मसला गुहा ने उठाया था
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गावस्कर
- फोटो : the express tribune
बीसीसीआई संबंधी सीओए के पूर्व सदस्य तथा इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने पिछले कुछ माह पहले जब सदस्य पद से इस्तीफा दिया था तो उन्होंने गावस्कर के प्रोफेशनल मैनेजमेंट ग्रुप से जुड़े होने की बात कही थी। हितों के टकराव का मसला उठाते हुए गुहा ने कहा था कि गावस्कर को कमेंटेटर बने रहने के लिए कंपनी से हट जाना चाहिए। गुहा के ऐसे रूख के बाद से हितों के टकराव का मामला गरमाया हुआ है।
गावस्कर की जगह जहीर खान बतौर कमेंटेटर शामिल किए जा सकते हैं
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जहीर खान
- फोटो : the indian express
आगामी होम सीजन के लिए बीसीसीआई ने कमेंटरों का जो पैनल बनाया है उसमें सुनील गावस्कर के अलावा संजय मांजरेकर, मुरली कार्तिक और हर्ष भोगले भी शामिल किए गए हैं। अगर गावस्कर हलफनामा नहीं देते हैं तो शायद उनकी जगह जहीर खान बतौर कमेंटेटर शामिल किए जा सकते हैं। लक्ष्मण शिवरामकृष्णन को भी कमेंट्री बॉक्स में जगह मिल सकती है।