धर्मशाला में चल रहे टेस्ट मैच में भारत ने जीत दर्ज करते हुए, चार मैचों की सीरिज पर कब्जा कर लिया। दूसरी पारी में भारत ने दो विकेट के नुकसान पर 106 रन बनाते हुए आखिरी मैच आठ विकेट से अपने नाम कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 300 रन बनाया था, जिसके जवाब में भारत ने 332 रन बनाकर 32 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम 137 रनों पर सिमट गई थी। भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले गेंदबाजों और बल्लेबाजों पर एक नजर-
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रवींद्र जडेजा
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रवींद्र जडेजा ने पहली पारी में 63 रन बनाए और एक विकेट भी झटका। दूसरी पारी में उन्होंने तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को बैकफुट पर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।
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केएल राहुल
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भारत के ओपनर बल्लेबाज केएल राहुल ने पहली पारी में 60 रन बनाए थे। दूसरी पारी में उन्होंने 75 गेंदों में 9 चौकों की मदद से 51 रनों का महत्वपूर्ण योगदान किया और नाबाद रहे।
चेतेश्वर पुजारा
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पुजारा पहली पारी में तीसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। उन्होंने 57 रन बनाए। हालांकि दूसरी पारी में उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया और वो शून्य पर ही रन आउट हो गये।
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उमेश यादव
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मैच का रुख बदलने का श्रेय भारतीय गेंदबाजों को है, जिन्होंने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को महज 137 रनों पर आउट कर दिया। उमेश यादव ने दूसरी पारी में तीन विकेट लिए और भारत को ब्रेक-थ्रू दिलाई। उनके साथ ही जडेजा ने तीन और अश्विन ने भी तीन विकेट लिए।
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कुलदीप यादव
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मैच में डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव ने पहली पारी में 68 देकर चार विकेट लिए। भारतीय कप्तान विराट कोहली के घायल होने की वजह से कुलदीप को टीम में शामिल किया गया है। असल में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज कुलदीप गेंद को कलाई से स्पिन कराते हैं। क्रिकेट की शब्दावली में इस तरह के गेंदबाज को 'चाइनामैन' कहा जाता है।
भारत के भरोसेमंद गेंदबाज आर अश्विन ने पहली पारी में उस समय विकेट लिया जब ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की ओर थी। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ शतक लगा चुके थे और उन्हें 111 रनों पर अश्विन ने आउट कर भारत की एक बड़ी बाधा को खत्म किया। चार टेस्ट मैचों की सीरीज में पहला मैच ऑस्ट्रेलिया ने और दूसरा भारत ने जीता था, जबकि तीसरा मैच ड्रॉ रहा था।