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Rinku Singh Story: शाहरुख खान ने बदली थी रिंकू सिंह की किस्मत, सिलेंडर बांटने वाले का बेटा बना कोलकाता का हीरो

Sun, 09 Apr 2023 08:31 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिंकू ने यश दयाल के आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर कोलकाता को यादगार जीत दिला दी। उमेश यादव ने पहली गेंद पर एक रन लिया तो पांच गेंद पर कोलकाता को 28 रन बनाने थे। यहां से रिंकू ने अंतिम पांचों गेंद पर छक्का लगाया।
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रिंकू सिंह - फोटो : अमर उजाला
कोलकाता नाइटराइडर्स के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह ने वह कर दिखाया जो कई सालों में कोई क्रिकेटर कर पाता है। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ रविवार (नौ अप्रैल) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर कोलकाता को अविश्वसनीय जीत दिला दी। रिंकू को कभी कोचिंग सेंटर में पोंछा लगाने का ऑफर मिला था। उन्होंने उस ऑफर को ठुकरा दिया था। वह आज कोलकाता के नए हीरो बन गए हैं।

गुजरात के कप्तान राशिद खान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। गुजरात ने 20 ओवर में चार विकेट पर 204 रन बनाए थे। कोलकाता ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन राशिद खान ने 17वें ओवर में हैट्रिक लेकर मैच को गुजरात की ओर मोड़ दिया। कोलकाता को आखिरी ओवर में जीत के लिए 29 रन बनाने थे। ऐसा लगा था कि वह मैच हार जाएगी, लेकिन यहां बाएं हाथ के युवा स्टार रिंकू सिंह ने कमाल कर दिया।
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रिंकू सिंह - फोटो : IPL/BCCI
यश दयाल को लगाए पांच छक्के
रिंकू ने यश दयाल के आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर कोलकाता को यादगार जीत दिला दी। उमेश यादव ने पहली गेंद पर एक रन लिया तो पांच गेंद पर कोलकाता को 28 रन बनाने थे। यहां से रिंकू ने अंतिम पांचों गेंद पर छक्का लगाया। कोलकाता को विजेता बनाने वाले इस खिलाड़ी कहानी कई युवाओं को प्रेरित करती है। मुश्किल हालात में भी रिंकू ने हार नहीं मानी और अपना नाम बनाया।
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रिंकू सिंह - फोटो : IPL/BCCI
पिता बांटते थे गैस सिलेंडर
रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं और उनके इस स्टेज तक पहुंचने की कहानी काफी परेशानियों और दुख से भरी रही है। रिंकू के पिता अलीगढ़ में एक गैस सिलेंडर बांटने का काम करते थे। पांच बेटों में से एक रिंकू को स्कूल के समय से ही क्रिकेट काफी पसंद था और वह खाली समय में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते थे। इसमें उन्हें मजा आने लगा। इस बात का खुलासा रिंकू ने कोलकाता नाइट राइडर्स की वेबसाइट पर मौजूद एक वीडियो में किया।

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रिंकू सिंह - फोटो : IPL/BCCI
पिता नहीं बनाना चाहते थे क्रिकेटर
रिंकू बताया था, ''मेरे पिताजी मुझे क्रिकेट खेलता हुआ नहीं देखना चाहते थे। वह नहीं चाहते थे मैं अपना समय क्रिकेट पर बर्बाद करूं। कभी-कभी जिद्द में मेरी पिटाई भी हो जाती थी। खेलकर जब मैं घर लौटता था तो पिताजी छड़ी लेकर तैनात रहते थे। हालांकि, मेरे भाइयों ने मेरा साथ दिया और मुझे क्रिकेट खेलने के लिए कहता था। मेरे पास तब गेंद खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। कुछ लोगों ने इसमें भी मेरी मदद की।''
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नीतीश राणा और रिंकू सिंह - फोटो : IPL/BCCI
कोचिंग सेंटर में पोछा लगाने की नौकरी मिली
रिंकू ने कहा था, ''मुझे एक कोचिंग सेंटर में पोंछा लगाने की नौकरी मिली। कोचिंग सेंटर वालों ने कहा कि सुबह-सुबह आकर पोछा लगाकर जाया करो। मेरे भाई ने ही मुझे यह नौकरी दिलाई थी। मैं ये नौकरी नहीं कर पाया और नौकरी छोड़ दी। मैं पढ़ भी नहीं पा रहा था, तो लगा कि अब क्रिकेट पर पूरा ध्यान लगाना चाहिए। मैंने सोच लिया कि क्रिकेट ही मुझे अब आगे ले जा सकता है और मेरे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है।''
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रिंकू सिंह - फोटो : IPL/BCCI
शाहरुख की टीम ने खरीदा
रिंकू सिंह छोटे-छोटे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें एक बड़े मौके की तलाश थी। रिंकू को यह अवसर शाहरुख खान ने दिया। उनकी टीम ने रिंकू को 2018 में 80 लाख रुपये में खरीदा। तब से रिंकू कोलकाता के सदस्य हैं। वह धीरे-धीरे टीम के अभिन्न अंग बनते जा रहे हैं।
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