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Shahbaz Ahmed: शाहबाज ने रेडियो पर बचपन में कमेंट्री सुनकर क्रिकेटर बनने की ठानी थी, अब टीम इंडिया में शामिल

Sat, 20 Aug 2022 12:39 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शाहबाज के 73 वर्षीय दादा इशाक मोहम्मद कहते हैं कि वह विश्वास नहीं कर सकते कि कमेंट्री सुनकर क्रिकेट बनने का सपना पालने वाला मेरा पोता भारतीय क्रिकेट टीम के लिए चुना गया है। शाहबाज को वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद टीम में जगह मिली है।
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शाहबाज अहमद - फोटो : सोशल मीडिया
हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले नूंह के गांव शिकरावा से ताल्लुक रखने वाले ऑलराउंडर शाहबाज अहमद को जिंबाब्वे दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया है। वैसे तो हरियाणा के कई खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं लेकिन मेवात क्षेत्र से भारतीय टीम में शामिल होने का गौरव शाहबाज को मिला है। शाहबाज के क्रिकेटर बनने की कहानी रोचक और संघर्षपूर्ण है। छोटी सी उम्र में रेडियो पर जसदेव सिंह और सुशील दोषी की कमेंट्री सुनकर शाहबाज ने क्रिकेटर बनने की ठान ली थी।
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शाहबाज अहमद - फोटो : सोशल मीडिया
शाहबाज के 73 वर्षीय दादा इशाक मोहम्मद कहते हैं कि वह विश्वास नहीं कर सकते कि कमेंट्री सुनकर क्रिकेट बनने का सपना पालने वाला मेरा पोता भारतीय क्रिकेट टीम के लिए चुना गया है। शाहबाज को वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद टीम में जगह मिली है। बृहस्पतिवार को हुए पहले मैच में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका नहीं मिल सका। सीरीज में दो मैच बाकी हैं, जिनमें उन्हें खेलने का अवसर मिल सकता है।
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शाहबाज अहमद - फोटो : सोशल मीडिया
क्रिकेट सीखने के लिए जाते थे 13 किलोमीटर दूर
शाहबाज के पिता जान अहमद नूह में सब डिविजनल मैजिस्ट्रेट न्यायालय में रीडर के पद पर तैनात थे। इसके बाद उनका तबादला पानीपत जिले के हथीन में हो गया। शाहबाज के अंदर चार वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट खेलने की लगन थी। पिता भी उनको अभ्यास कराते थे। जान अहमद का जब हथीन तबादला हुआ तो वह शाहबाज को क्रिकेट के लिए एक एकेडमी में भेजने लगे। नौकरी की वजह से पिता साथ नहीं जा सकते थे। वहीं आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे निजी वाहन से शाहबाज को एकेडमी तक भेज सकें। 15 वर्ष की उम्र में शाहबाज करीब 13 किलोमीटर का सफर तय कर बस से अकेले एकेडमी जाते थे।

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शाहबाज अहमद - फोटो : सोशल मीडिया
हरियाणा में मौका नहीं मिला तो पहुंचे बंगाल, गांगुली ने की पहचान
शाहबाज में प्रतिभा बचपन से ही थी। उन्हें हरियाणा की टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद वह कोलकाता पहुंच गए। वहां के तपन मेमोरियल क्लब के लिए खेलने लगे। क्लब के कोच सौराशीष लाहिड़ी ने सौरव गांगुली (जब वह बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे) से शाहबाज के बारे में बात की। गांगुली ने शाहबाज को खेलते हुए देखा तो वह उससे प्रभावित हुए। इसके बाद बंगाल की अंडर-23 टीम में उन्हें चुन लिया गया।
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शाहबाज अहमद - फोटो : सोशल मीडिया
रणजी सेमीफाइनल में आठ विकेट लिए और 138 रन बनाए
शाहबाज इस साल रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल की ओर से मध्यप्रदेश के खिलाफ खेले थे। सेमीफाइनल में बंगाल की टीम हार गई थी, लेकिन शाहबाज का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में पांच विकेट लिए। वहीं बल्लेबाजी में पहली पारी में 116 रन बनाए। दूसरी पारी में नाबाद 22 रन जोड़े।
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शाहबाज अहमद - फोटो : सोशल मीडिया
शाहबाज अपने खेल की दम पर आईपीएल 2020 में विराट कोहली की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर की टीम में शामिल हुए। शाहबाज ने आईपीएल में 29 मैच खेले हैं। इनमें 279 रन और 13 विकेट लिए हैं। वहीं बंगाल ओर से 18 प्रथम श्रेणी मैचों में उन्होंने 41.64 के औसत से 1041 रन बनाए हैं, जबकि 57 विकेट हासिल किए हैं।
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शाहबाज अहमद और विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
अजहरुद्दीन ने बंधाई थी आस
नूह जिला भले ही पिछड़ा हो लेकिन यहां के लोगों में प्रतिभा की कमी नहीं है। बस जरूरत उन्हें एक अच्छे अवसर की है। पूर्व क्रिकेटर नसीम अहमद नगीना ने बताया कि 1994 में पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन नगीना (मेवात) आए थे। उन्होंने यहां के खिलाड़ियों को खेलता देखकर कहा था कि आप लोग एकेडमी में शामिल हो जाओ। आप लोगों में अच्छा स्किल है। नसीम ने बताया कि अजहरुद्दीन ने जो आस बंधाई थी, उसकी का परिणाम है कि शाहबाज आज भारतीय टीम में शामिल हो गया।
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