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कपिल देव से लेकर धोनी तक, ऐसी है टीम इंडिया की निक नेम XI

Sun, 27 Oct 2019 08:21 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कपिल देव-सचिन-धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
हमारे देश में एक व्यक्ति के दो नामों का चलन बेहद पूराना है। बचपन में मां-बाप एक नाम स्कूल का रखते हैं, तो दूसरा घर का भी रख ही देते हैं। घरवाले ना भी रखे तो, आपके कारनामें की वजह से स्कूल कॉलेज के दोस्त आपका नया नामकरण कर देते हैं, लेकिन जब कोई विश्व पटल पर अपने हुनर का जौहर दिखाता है, तो पूरा देश मिलकर उसे एक नया नाम दे देता है। जो उसके करिश्में के परिचायक होते हैं। विश्व भर में भारत का तिरंगा लहराने वाले कुछ क्रिकेट खिलाड़ियों को देश के क्रिकेटप्रेमियों ने निक नेम से नवाजा है। देश को पहली बार विश्व चैंपियन बनाने वाले कपिल देव से लेकर धोनी तक आइए बताते हैं उन 11 खिलाड़ियों का निक नेम, जो उनके खेल को हर जगह परिभाषित करता है।
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कपिल देव - फोटो : social Media

कपिल देव 

देश को पहली बार विश्व कप की ट्रॉफी दिलाने वाले कप्तान कपिल देव को देश के क्रिकेटप्रेमियों ने हरियाणा हरिकेन के निक नेम से नवाजा था। कपिल देव हरियाणा के रहने वाले थे और जबरदस्त तेज गेंदबाज थे। उनकी तूफानी गेंदबाजी के दीवाने फैंस ने उनको हरियाणा हरिकेन के नाम से बुलाना शुरू किया। कपिल देव ने 131 टेस्ट में 434 और 225 वन-डे में 253 विकेट चटकाए थे। साल 1978 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में पहली बार इंडिया की कैप पहनी थी।

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मोहम्मद अजहरुद्दीन - फोटो : सोशल मीडिया

मोहम्मद अजहरुद्दीन

मोहम्मद अजहरुद्दीन ऐसे बल्लेबाज थे, जो अपनी कलाई के दम पर आग उगलती गेंदों को मोड़कर सीमापार पहुंचा देता था। इसकी वजह से अजहर को कलाई का जादूगर कहा गया। अजहर ने अपने करियर की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ 1984 में की थी। 

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सचिन तेंदुलकर - फोटो : ट्विटर

 सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर का नाम मास्टर ब्लास्टर क्यों पड़ा, ये शायद ही किसी को बताने को जरूरत नहीं है। विश्व जानता है कि सचिन किस अंदाज में क्रिकेट खेला है, लेकिन इस मास्टर ब्लास्टर के नाम की पहचान तब हुई जब पाकिस्तान के खिलाफ शारजाह में सचिन ने ताबड़तोड़ रन बनाए। सचिन ने अपने करियर की शुरुआत 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची में की थी।

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अनिल कुंबले - फोटो : BCCI

अनिल कुंबले

अनिल कुंबले को क्रिकेटप्रेमियों ने जंबो के नाम से नवाजा, कारण बनी उनकी गेंदबाजी। कुंबले आमतौर पर लेग स्पिनर के रूप में पहचाने गए, लेकिन स्पिन गेंदबाजी में उन्होंने गति इतनी झोंकी इसकी वजह से उनका नाम जंबो हो गया। बल्लेबाज को उन्होंने अपनी गति से खूब छकाया। कुंबले ने इंग्लैंड के खिलाफ 1990 में मैनचेस्टर के मैदान पर भारतीय टीम की कैप पहली बार पहनी थी।

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सौरव गांगुली

सौरव गांगुली

सौरव गांगुली बाएं हाथ का बल्लेबाज जो बेहतरीन से बेहतरीन गेंद को ऑफ साइड बाउंड्री के पार पहुंचा देता था, धागे जैसे महीन दिख रहे गैप में भी गांगुली गेंद को अपनी कलाई के सहारे मोड़कर सीमा रेखा के बाहर भेज देते थे, उनकी इस अनोखी कला ने गॉड ऑफ, ऑफ साइड का ताज उनके सिर पर सजा दिया और दुनिया उन्हें इस नाम से क्रिकेट के मैदान पर जानने लगी। गांगुली ने भारतीय टीम के लिए 1992 में डेब्यू किया था।

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वीवीएस लक्ष्मण - फोटो : getty

वीवीएस लक्ष्मण

वीवीएस लक्ष्मण ने साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ईडन गार्डन के मैदान पर फॉलोऑन खेल रही टीम इंडिया को अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर जीत दिला दी थी। इस जीत के बाद से ही देश ने उन्हें वेरी वेरी स्पेशल के नाम से नवाज दिया। उस मैच में लक्ष्मण ने 281 रन की पारी खेली थी। उन्होंने अपना डेब्यू साल 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किया था।

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राहुल द्रविड़ - फोटो : getty

राहुल द्रविड़

भारतीय टीम का वो बल्लेबाज जो दुनिया की हर एक टीम के खिलाफ क्रीज पर जमकर खड़ा रहा। राहुल द्रविड़ की इस प्रतिभा ने क्रिकेट के मैदान पर उनका नया नामकरण करा दिया और देश ने उन्हें द वॉल के निक नेम से नवाजा। राहुल ने श्रीलंका के खिलाफ 1996 में अपना डेब्यू मैच खेला था।

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सहवाग का तिहरा शतक - फोटो : ट्विटर

वीरेंद्र सहवाग

भारतीय टीम का वो सलामी बल्लेबाज जिसने हर देश के खिलाफ ताबड़तोड़ रन बटोरा। पाकिस्तान के खिलाफ 2004 में मुल्तान के मैदान पर सहवाग ने धुंआधार 309 रन पीट दिए। सहवाग के इस विस्फोटक अंदाज को देख क्रिकेट दीवानों ने उन्हें मुल्तान का सुल्तान के नाम से नवाज दिया। इसके बाद सहवाग और भी विस्फोटक हो गए। सहवाग ने अपने करियर की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ मोहाली में 1999 में की थी।

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हरभजन सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

हरभजन सिंह

हरभजन सिंह ने साल 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अपना पहला मैच खेला था। हरभजन मैदान पर पगड़ी पहनकर उतरते और गेंद को गजब का टर्न कराते। हरभजन की पगड़ी और उनके टर्न को मिलाकर देश ने उन्हें टर्बनेटर का नाम दे दिया।

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युवराज सिंह - फोटो : social Media

युवराज सिंह

एक समय भारतीय मध्यक्रम की जान रहे युवराज सिंह को दुनिया सिक्सर किंग के नाम से जानती है। 2007 के टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर युवी ने एक ओवर छह छक्के उड़ा दिए थे। युवराज का डेब्यू केन्या के खिलाफ साल 2000 में हुआ था।

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एम एस धोनी

एम एस धोनी

एम एस धोनी का मैदान पर विषम परिस्थितियों में भी शांत बने रहना उनका नया नामकरण करा गया। देश ने उन्हें कैप्टन कूल के नाम से नवाजा। आज आप धोनी की जगह कैप्टन कूल भी कह दें तो, लोग धोनी को पहचान जाते हैं। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 2004 में मैन इन ब्लू की जर्सी पहनी थी।

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