कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुख्य कोच गंभीर चाहते थे कि सूर्यकुमार कप्तान की भूमिका निभाएं, क्योंकि वह हार्दिक की निरंतरता और फिटनेस से आश्वस्त नहीं थे। हालांकि, अब एक नया खुलासा हुआ है और अगरकर का किरदार भी सामने आया है।
जब से श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम का एलान हुआ है, हार्दिक पांड्या चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस दौरे के लिए टीम के एलान से पहले वह दोनों प्रारूपों में भारतीय टीम के उपकप्तान थे। बीते नौ महीने के दो मार्की आईसीसी इवेंट वनडे विश्व कप 2023 और टी20 विश्व कप 2024 में भी वह रोहित शर्मा के डिप्टी रहे थे। हालांकि, भारत के टी20 चैंपियन बनते ही हार्दिक को लीडरशिप रोल से दरकिनार कर दिया गया। इसके बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई गौतम गंभीर के नए कोच बनने के बाद हार्दिक का डिमोशन हुआ है। गंभीर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया। हालांकि, अब न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ गंभीर नहीं, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का भी इस फैसले के पीछे अहम किरदार रहा था। बतौर कोच गंभीर के आने से अगरकर को फैसला लेने में मदद मिली थी। गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने सूर्यकुमार यादव को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की कमान सौंपी, जबकि शुभमन गिल को दोनों प्रारूपों में उपकप्तान बनाया गया।
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हार्दिक पांड्या-गौतम गंभीर
- फोटो : IPL
कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुख्य कोच गंभीर चाहते थे कि सूर्यकुमार कप्तान की भूमिका निभाएं, क्योंकि वह हार्दिक की निरंतरता और फिटनेस से आश्वस्त नहीं थे। पीटीआई की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि गंभीर के आने ने एक भूमिका जरूर निभाई, लेकिन मुख्य चयनकर्ता अगरकर हार्दिक की रणनीतिक समझ से सहमत नहीं थे, जो एक सफल कप्तानी कार्यकाल के लिए आवश्यक है। गंभीर के भारत के मुख्य कोच बनने से राष्ट्रीय स्तर पर हार्दिक की कप्तानी की संभावनाओं पर असर पड़ा, लेकिन अजित अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति भी इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे कि हार्दिक रणनीतिक तौर पर उतने मजबूत हैं जितनी अंतरराष्ट्रीय कप्तान से उम्मीद की जाती है।
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रोहित, हार्दिक और अगरकर
- फोटो : BCCI/ICC/IPL
गुजरात टाइटंस की कप्तानी के दौरान हार्दिक को मुख्य कोच आशीष नेहरा से मदद मिली थी, जो ड्रेसिंग रूम में बैठकर मैदान पर हो रही घटनाओं पर फैसला लेते थे और रणनीति तैयार करते थे। वहीं, मार्क बाउचर मुंबई में नेहरा वाला किरदार नहीं निभा पाए थे, जिसकी वजह से मुंबई इंडियंस को आईपीएल 2024 में नुकसान झेलना पड़ा था। यह भी बात सामने आई है कि भारतीय ड्रेसिंग रूम में युवा खिलाड़ी हार्दिक की तुलना में सूर्यकुमार से बातचीत करने या उन्हें जवाब देने में ज्यादा आसानी महसूस करते हैं।
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रोहित और हार्दिक
- फोटो : BCCI/ICC
ऐसे में सवाल उठता है कि हार्दिक के लिए आगे की राह क्या है? हार्दिक अब श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज में खेलते दिखेंगे। वहां शानदार प्रदर्शन कर हार्दिक खुद को साबित करना चाहेंगे। इतना ही नहीं, वह सिर्फ भारत के मैचों पर निर्भर नहीं रह सकते और उन्हें अपनी उपलब्धता और फिटनेस साबित करने के लिए घरेलू टूर्नामेंट भी खेलने होंगे। पिछले 19 महीनों में हार्दिक ने व्हाइट बॉल फॉर्मेट में बस 50 प्रतिशत मैच खेले हैं, जो कि बेहद खराब है। 22 जनवरी 2023 के बाद से हार्दिक ने कुल 79 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से बस 46 मैच और 59 वनडे मैचों में से सिर्फ 23 मैच खेले हैं। यानी सीमित ओवर के क्रिकेट में कुल 138 मैचों में से हार्दिक ने महज 69 मैच खेले हैं।
भारतीय क्रिकेट हमेशा उतार-चढ़ाव से भरा रहता है और अगर हार्दिक को अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी खेलने है तो उन्हें दिसंबर में बड़ौदा के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना पड़ सकता है। हार्दिक के भारतीय टीम की कप्तानी करने के सपनों को अभी जरूर झटका लगा हो, लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और इसमें हारकर जीतने वाले को ही बाजीगर माना जाता है। हार्दिक के लिए अभी सबकुछ खत्म नहीं हुआ है। वह 30 साल के हैं और एक दो सीरीज में जबरदस्त प्रदर्शन उन्हें फिर चर्चा में ला सकती है।