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WC: 'शर्म करो यार...', PAK के हसन रजा के 'अलग गेंद' वाले बयान पर भड़के शमी, वसीम अकरम का नाम लेकर लगाई क्लास

Wed, 08 Nov 2023 05:02 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हसन रजा का नाम लिए बिना शमी ने उनकी क्लास लगाई और वसीम अकरम का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने जो समझाया उसे हसन रजा नहीं समझे। शमी से पहले वसीम अकरम और शोएब मलिक भी हसन रजा की क्लास लगा चुके हैं।
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शमी ने हसन रजा को जवाब दिया है - फोटो : सोशल मीडिया
विश्व कप 2023 में भारत की कामयाबी से बौखलाए पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर हसन रजा ने आईसीसी और बीसीसीआई पर टीम इंडिया को फेवर पहुंचाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि आईसीसी भारतीय तेज गेंदबाजों को कोई अलग गेंद दे रहा है, जिससे उन्हें स्विंग में मदद मिल रही है। कुल मिलाकर हसन रजा ने भारतीय टीम पर बेईमानी का आरोप लगाया था। अब इस पर भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने उन्हें जवाब दिया है। शमी ने हसन रजा की क्लास लगाई और वसीम अकरम का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने जो समझाया उसे नहीं समझे। अब तो शर्म करना चाहिए। 
 
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हसन रजा ने बेतुका बयान दिया था - फोटो : सोशल मीडिया
हसन रजा ने क्या कहा था?
एक पाकिस्तानी समाचार चैनल से बात करते हुए हसन रजा ने दावा किया था कि मेजबान टीम को विपक्षी टीम की तुलना में एक अलग गेंद मिली थी और उन्हें लगता है कि यही कारण है कि भारतीय तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त सीम मूवमेंट और स्विंग मिल रही है। उन्होंने कहा था- हम देख रहे हैं कि जब भारत के खिलाड़ी बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, तो वे वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी करते हैं और जब भारत गेंदबाजी करता है तो अचानक गेंद हरकतें करना शुरू कर देती है। उनके पक्ष में सात-आठ करीबी डीआरएस कॉल आए हैं। सिराज और शमी जिस तरह से गेंद को स्विंग करा रहे थे, उससे लग रहा था कि आईसीसी या बीसीसीआई उन्हें दूसरी पारी में अलग-अलग गेंद दे रहे हैं। गेंद का निरीक्षण करने की जरूरत है। स्विंग के लिए गेंद पर कोटिंग की एक अतिरिक्त परत भी हो सकती है।
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मोहम्मद शमी - फोटो : सोशल मीडिया
शमी का जवाब?
अब शमी ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में उस बयान का वीडियो शेयर किया है और लिखा- इंडिया चीटिंग कर रहा है? शर्म करो यार! गेम पर ध्यान करो न की फालतू बकवास पर। कभी तो दूसरे की कामयाबी को एंजॉय किया करो। छी यार! आईसीसी विश्व कप है, आपका घरेलू टूर्नामेंट नहीं है और आप खिलाड़ी ही थे न? वसीम भाई (वसीम अकरम) ने समझाया है, पूरा एक्सप्लेन किया था फिर भी! हाहा... (हंसने का एक्सप्रेशन)। अपने खिलाड़ी अपने वसीम अकरम पर यकीन नहीं है आपको। आपतो अपनी तारीफ करने में लगे हैं जनाब। जस्ट लाइक ए WOW!

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वसीम अकरम ने हसन रजा को जवाब दिया - फोटो : सोशल मीडिया
वसीम अकरम ने भी की थी आलोचना
हसन रजा को जवाब देते हुए वसीम अकरम ने एक स्पोर्ट्स चैनल से बात करते हुए कहा था- मैं पिछले कुछ दिनों से इसके बारे में पढ़ रहा हूं। उनका बयान मजाक जैसा लगता है, क्योंकि उनका दिमाग जगह पर नहीं है। बेइज्जी अपनी तो करानी ही करानी है, हमारी भी न कराओ पूरी दुनिया के सामने। वसीम अकरम ने साथ ही गेंद को स्विंग करानी की कला के बारे में भी विस्तार से बताया है। साथ ही बताया है कि मैच के लिए गेंद कैसे चुनी जाती है। 
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वसीम अकरम और पाकिस्तान टीम - फोटो : सोशल मीडिया
वसीम अकरम ने बताई पूरी प्रक्रिया
अकरम ने कहा- यह बहुत ही आसान है। अंपायर आता है मैच से पहले। 12 गेंद का एक डब्बा होता है। वहां चार अंपायर होता है, रेफरी हैं और न जाने कितने लोग होते हैं। जो टीम टॉस जीतती है, अगर वह बॉलिंग कर रही है, तो उन 12 गेंद में से एक गेंद उठाया जाता है कि पहले गेंदबाजी करने वाली टीम उससे गेंदबाजी करेगी। इसके बाद वह टीम एक और गेंद उठाती है और उसे अपना दूसरा ऑप्शन बनाती है। दोनों गेंद फिर अंपायर अपने पास रखता है अपने दोनों पॉकेट में, ताकि अगर पहली गेंद खराब होती है तो दूसरे ऑप्शन वाली गेंद को निकाल के दिया जाए। इसके बाद बाकी बचे आठ गेंद को अंपायर दूसरे ड्रेसिंग रूम ले जाते हैं उसी बॉक्स में। वही चार अंपायर और रेफरी वहां होते हैं। वहां जाकर दूसरी टीम भी दो गेंद चुनती है। फिर वह सभी ऑफिशियल्स फोर्थ अंपायर और मैच रेफरी के पास जाते हैं और उन्हें बताते हैं कि दोनों टीमों ने अपनी-अपनी गेंद कौन सी चुनी है और वह उन्हें सौंप देते हैं। वहां रेफरी और अंपायर के साथ-साथ काफी लोग होते हैं। तो यह कौन लोग हैं जो ऐसी बातें सोचता है कि मदद पहुंचाई जा रही होगी। डिवाइस से कोई गेंद कैसे स्विंग हो सकती है।
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शोएब मलिक - फोटो : सोशल मीडिया
शोएब और मिस्बाह ने भी की थी आलोचना
वसीम ने कहा- हमारे यहां यह बातें चल रहीं हैं कि भारत को छोड़कर दुनिया के किसी भी गेंदबाज को मदद नहीं मिल रही है। लेकिन उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि भारतीय गेंदबाजों ने स्विंग का कोई अलग तरीका निकाला हो। भारतीय गेंदबाज इस वक्त अलग फॉर्म में हैं। इस पर मिस्बाह कहते हैं कि भारतीय गेंदबाजों ने सीम पर बहुत काम किया है और यह रिप्ले में साफ दिखता है। वहीं, शोएब मलिक कहते हैं कि जब किसी इंसान को कामयाबी मिलती है तो हम (पाकिस्तानी) उसकी तारीफ नहीं करते। हम उससे सीखने की कोशिश नहीं करते। हमारी पहली सोच ही नकारात्मक होती है। हम निगेटिव चीज लेकर आते हैं। हमें इससे सीखना चाहिए। वहीं वसीम अकरम आखिर में कहते हैं- खाली दिमाग शैतान का घर होता है।
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