गंभीर ने खुद कम समय के लिए भारत की कप्तानी की और यहां तक कि 2012 और 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ आईपीएल का खिताब भी जीता। गंभीर ने बताया कि एक खिलाड़ी को उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी कौशल के आधार पर चुना जाता है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि कप्तानी का किसी खिलाड़ी की बल्लेबाजी पर कोई खास असर नहीं पड़ता है और उन्होंने अपनी बात को समझाने के लिए कई पूर्व भारतीय कप्तानों का नाम लिया। हाल ही में एक स्पोर्ट्स वेबसाइट के साथ बातचीत में गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी और सौरव गांगुली का जिक्र करते हुए कहा कि असाधारण रूप से सफल कप्तान होने के बावजूद उनका खेल अतिरिक्त जिम्मेदारियों से प्रभावित नहीं था। उन्होंने अपनी दलील में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों का भी नाम लिया।
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महेंद्र सिंह धोनी और गौतम गंभीर
- फोटो : सोशल मीडिया
गंभीर ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कप्तान होने से बल्लेबाजी या खुद के खेल पर असर पड़ता है। ऐसे कई कप्तान रहे हैं जिन्होंने कप्तान रहते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। यह व्यक्तिगत मानसिकता के बारे में है। एमएस धोनी, सौरव गांगुली और अनिल कुंबले ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसी तरह रोहित शर्मा और विराट कोहली भी शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं।
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गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : IPL/BCCI
गंभीर ने खुद कम समय के लिए भारत की कप्तानी की और यहां तक कि 2012 और 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ आईपीएल का खिताब भी जीता। गंभीर ने बताया कि एक खिलाड़ी को उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी कौशल के आधार पर चुना जाता है, जिसमें कप्तानी एक क्रिकेटर के लिए केवल एक अतिरिक्त जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने कहा, 'जब कप्तान बल्लेबाजी के लिए उतरता है तो उसका मुख्य काम रन बनाना होता है। आपको टीम में बल्लेबाज या गेंदबाज के रूप में चुना जाता है। कप्तानी आपको दी गई अतिरिक्त जिम्मेदारी है। बल्लेबाजी करते समय अगर आप सोचते हैं कि मैं कप्तान हूं, तो गेंद या बल्ले को पता नहीं होता कि आप कप्तान हैं। जब आपके हाथ में बल्ला होता है तो आप बल्लेबाज होते हैं और जब आपके पास गेंद होती है तो आप गेंदबाज होते हैं। जब आप आउट होते हो या अपना ओवर पूरा करते हो तो आप कप्तान बन जाते हो।