ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और फिट हुए जयंत यादव बांग्लादेश के खिलाफ रविवार से इंडिया ‘ए’ के खिलाफ खेले जाने वाले दो दिवसीय अभ्यास मैच के दौरान भारतीय टीम प्रबंधन को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। हार्दिक को इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली टेस्ट से पहले कंधे में चोट लग गई थी और इससे उबरने के बाद हाल में समाप्त हुई सीमित ओवर की पूरी सीरीज में वह खेले थे। जयंत हाल में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के हाल में समाप्त हुए उत्तर क्षेत्र के चरण में हरियाणा के लिए खेले थे।
मुशफिकुर रहीम की टीम के साथ अभ्यास मैच के दौरान इन दोनों रिजर्व सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद के साथ टेस्ट टीम के ऐसे तीन खिलाड़ी हैं जिनके प्रदर्शन पर ध्यान लगा होगा। इस मैच को हालांकि अधिकारिक प्रथम श्रेणी का दर्जा नहीं मिलेगा। मुकुंद का अंतिम एकादश में जगह बनाना तभी संभव है जब लोकेश राहुल या मुरली विजय में से कोई एक चोटिल हो लेकिन हार्दिक और जयंत के लिए यह मैच अहम होगा क्योंकि कप्तान कोहली और कोच अनिल कुंबले के इनमें से किसी एक को ऑलराउंडर के स्थान पर शामिल करने की संभावना है। कुछ समय के लिए सफेद गेंद से क्रिकेट खेलने के बाद दोनों गेंदबाजी में लंबे स्पैल डालने के लिए बेताब होंगे। मुकुंद का रणजी सत्र काफी संतोषजनक रहा, जिससे सलामी बल्लेबाज थोड़े सतर्क रहेंगे क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरे के दौरान वह तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में दावा पेश कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय आक्रमण का पहली बार सामना करेंगे पांचाल
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प्रियांक पांचाल
रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन जुटाने वाले प्रियांक पांचाल अंतरराष्ट्रीय आक्रमण का पहली बार सामना करेंगे जिसमें वह तस्कीन अहमद और शाकिब अल हसन जैसे गेंदबाजों का सामना करेंगे। दो युवा इशान किशन और ऋषभ पंत के बारे में काफी चर्चा हो रही है, वे भी मैच में खेलेंगे। बाएं हाथ के स्पिनर शाहबाज नदीम को भी रहीम, तमीम इकबाल और मोमिनुल हक के खिलाफ अपने कौशल को परखने का मौका मिलेगा। एक दिलचस्प पहलू होगा कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अनिकेत चौधरी और चमा मिलिंद कैसा प्रदर्शन करते हैं। जहीर खान के संन्यास के बाद भारत सभी प्रारूपों में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ढूंढ रहा है। अनुभवी आशीष नेहरा छोटे प्रारूप में ही खेल रहे हैं जिसे पांच दिवसीय मैचों में भारत कुछ विविधता चाहता है।