हालांकि प्रसाद ने कहा कि करूण को साफ तौर पर बताया गया था कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया था। पूर्व भारतीय विकेटकीपर ने कहा, ‘संवाद हमेशा इस समिति का मजबूत पक्ष रहा है। किसी भी खिलाड़ी को दुखद खबर देना सचमुच काफी मुश्किल होता है। आपके पास उन्हें बाहर रखने के स्पष्ट कारण होना चाहिए, हालांकि वे शायद इससे सहमत नहीं हों।’